
बाल दिवस के अवसर पर आज कांके रोड, रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में यूनिसेफ के पूर्व बाल पत्रकारों एवं युवाओं ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की। इस दौरान बाल पत्रकारों ने झारखंड में बीते 25 वर्षों की बाल अधिकार यात्रा, शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को बाल दिवस व झारखंड स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
✔ बच्चों और युवाओं के समग्र विकास को लेकर सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार वर्तमान और आने वाली पीढ़ी के बच्चों के समग्र विकास हेतु कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का संचालन कर रही है।
उन्होंने कहा कि—
“हमारे बच्चे-बच्चियां ही राज्य का भविष्य हैं। उन्हें मजबूत बनाकर ही एक समृद्ध झारखंड की परिकल्पना पूरी की जा सकती है।”
✔ शिक्षा व्यवस्था में आया सकारात्मक बदलाव – छात्रवृत्तियों ने बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि—
- प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक विद्यार्थियों को आर्थिक रूप से मजबूत करने हेतु विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित हैं।
- गरीबी अब शिक्षा में बाधा न बने, इसके लिए व्यापक सुधार किए गए हैं।
- 80 सरकारी स्कूलों को ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में अपग्रेड किया गया है, जहां निजी स्कूलों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध है।
- आगे और भी सरकारी विद्यालय एक्सीलेंस स्कूलों में परिवर्तित किए जाएंगे।
✔ श्रेष्ठ प्रदर्शन पर टॉपर्स को लैपटॉप, मोबाइल और सम्मान राशि
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार हर वर्ष 10वीं और 12वीं के टॉपर्स को सम्मानित करती है तथा लैपटॉप, मोबाइल और आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान करती है।
✔ योजनाओं से मिले लाभ की जानकारी युवाओं ने साझा की
यूनिसेफ के पूर्व बाल पत्रकारों तथा केजीबीवी/जेबीएवी की छात्राओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि कैसे निम्नलिखित योजनाओं ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए—
- मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना
- सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना
- समर अभियान
- ज्ञान सेतु
- गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना
- सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस
- एमएचएम लैब्स
- मध्याह्न भोजन में अंडे का समावेश
- स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार
इन योजनाओं ने बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और अवसर उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई है।
✔ यूनिसेफ ने सरकार के प्रयासों की सराहना की
यूनिसेफ झारखंड की प्रमुख डॉ. कनिनिका मित्रा ने कहा कि झारखंड के बच्चे और युवा राज्य सरकार द्वारा किए गए निवेश का जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की बच्चों के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।
यूनिसेफ की कम्युनिकेशन एवं एडवोकेसी विशेषज्ञ सुश्री आस्था अलंग ने कहा कि यह दिन बच्चों की आकांक्षाओं को और मजबूत करने का अवसर है।
✔ मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बच्चों और युवाओं से संवाद को अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि—
“आप सभी से मिलना मुझे हमेशा ऊर्जा देता है। आप सभी को बाल दिवस और झारखंड स्थापना दिवस की ढेरों शुभकामनाएं।”
