डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में मंगलवार 14 अप्रैल को पूर्वाह्न 11 बजे गांधी सभागार में कुलपति डॉ राजीव मनोहर की अध्यक्षता में आंबेडकर जयंती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
विश्वविद्यालय के एनएसएस विंग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने कहा कि डॉ आंबेडकर एक राष्ट्रवादी चिंतक, समाज सुधारक और वंचितों के उद्धारक थे। उन्होंने संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में उनके योगदान को उनकी सबसे स्थायी विरासत बताया।
कार्यक्रम के दौरान एनएसएस के पांच सदस्यों ने डॉ आंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष और सामाजिक न्याय, समानता तथा मानवाधिकारों के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला। वहीं, राष्ट्रीय सेवा योजना (महिला इकाई) की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ शमा सोनाली ने भी अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ अभय कृष्ण सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि डॉ आंबेडकर के सिद्धांत—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—आज भी समाज के मार्गदर्शक स्तंभ हैं और युवाओं को इन्हें अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
इस अवसर पर विभिन्न संकायों के शिक्षक, विद्यार्थी और एनएसएस सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम की जानकारी पीआरओ डॉ राजेश कुमार सिंह ने दी।
