रांची, 07 अप्रैल: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा बैकलॉग 2026 को चुनौती देने वाली याचिका पर झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रौशन की अदालत में हुई, जहां अदालत ने जेपीएससी और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल निर्धारित की है। इस सुनवाई को लेकर अभ्यर्थियों के बीच उत्सुकता और चिंता दोनों बनी हुई है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर बैकलॉग परीक्षा की प्रक्रिया और उसकी वैधता से जुड़ा हुआ है।
याचिकाकर्ता की ओर से बैकलॉग परीक्षा 2026 की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद इस मामले को गंभीर मानते हुए आयोग और राज्य सरकार से अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।
इस प्रकरण को लेकर प्रतियोगी छात्रों और अभ्यर्थियों की नजरें अब 21 अप्रैल की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत के समक्ष राज्य सरकार और आयोग का जवाब प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बैकलॉग परीक्षा 2026 की प्रक्रिया पर आगे क्या रुख अपनाया जाएगा।
जेपीएससी से जुड़े इस मामले ने राज्य के हजारों युवाओं के बीच चर्चा तेज कर दी है। अभ्यर्थियों का मानना है कि इस सुनवाई का असर भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़े आगामी निर्णयों पर पड़ सकता है।
