डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग में छात्रों के लिए साइबर धोखाधड़ी जागरूकता और वित्तीय प्रबंधन पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग में एसईबीआई स्मार्ट-प्रमाणित वित्तीय शिक्षा संगठन, एम्पीरिकल एफ एंड एम एकेडेमी प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से 15 दिसंबर 2025 को साइबर धोखाधड़ी जागरूकता और वित्तीय प्रबंधन पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर एकेडेमी से डॉ. रमण वल्लभ और श्री नेहल तापरिया थे। इस सेमिनार का उद्देश्य छात्रों में वित्तीय साक्षरता को मजबूत करना और वित्तीय धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं, विशेष रूप से युवाओ को निशाना बनाने वाली धोखाधड़ी के बारे में जागरूकता पैदा करना था। विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन ने डिजिटल अर्थव्यवस्था में सुरक्षित वित्तीय प्रणालियों और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व की चर्चा करते हुए छात्रों को विषय प्रवेश कराया। सेमिनार में छात्रों को सुरक्षित बैंक लेन-देन, फर्जी योजनाओं, फर्जी स्टॉक टिप्स, अवैध निवेश योजनाओं और सोशल मीडिया आधारित “जल्दी अमीर बनने” के जाल जैसे सामान्य वित्तीय घोटालों की पहचान करने के बारे में शिक्षित किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. रमण वल्लभ ने अपने संबोधन में साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम पर व्यावहारिक जानकारी साझा की, जिसमें ओटीपी घोटाले, फिशिंग प्रयास, यूपीआई से संबंधित धोखाधड़ी और ऐप-आधारित वित्तीय घोटाले शामिल थे। सत्र में वित्तीय बाजारों को विनियमित करने और निवेशकों की सुरक्षा में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) की भूमिका के बारे में भी बताया गया साथ ही स्तरीय शिकायत प्रणालियों जैसे शिकायत निवारण तंत्रों पर भी मार्गदर्शन दिया गया। छात्रों को अनियमित सलाहकारों और धोखाधड़ी वाली कर-बचत योजनाओं से बचने में मदद करने पर जोर दिया गया। सेमिनार के अंतिम सत्र में वक्ताओं ने छात्रों के प्रश्नों का उत्तर दिया और वास्तविक जीवन के केस स्टडी साझा किए जिससे सीखने का अनुभव व्यावहारिक और प्रासंगिक हो सके। कार्यक्रम में संकाय सदस्यों डॉ. पूनम भारद्वाज, डॉ. नलिनी कांत रॉय, डॉ. अशोक कुमार आचार्य, डॉ. रियाज हसन, ऋषभ कुमार सिंह और छात्रों की सक्रिय सहभागिता रही। विश्वविद्यालय ने इस तरह के जागरूकता-आधारित सेमिनार का आयोजन करके छात्रों के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सत्र का समापन प्रतिभागियों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया के साथ हुआ।

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