रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन सरकार के दूसरे चरण का एक वर्ष “जन-सेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही” का स्वर्णिम अध्याय साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में सरकार ने गांव-गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
महिलाओं के लिए परिवर्तनकारी योजना — मइयां सम्मान
कमलेश ने कहा कि ‘मइयां सम्मान योजना’ झारखंड की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनी है। उन्होंने दावा किया कि यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण का राष्ट्रीय मॉडल बन चुका है, जिसकी सराहना देशभर में हो रही है।
गरीब और मध्यम वर्ग को राहत
उन्होंने बताया कि सरकार ने 200 यूनिट तक मुफ़्त बिजली देने का वादा पूरा कर आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को सीधी राहत दी है। साथ ही, कृषि ऋण माफी से किसानों को बड़ी राहत मिली है, जिससे कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा आई है।
युवाओं को रोजगार — 10,000 नियुक्ति पत्र वितरित
कमलेश ने कहा कि रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकता रही है। इसी क्रम में 10,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जो उनके भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले एक वर्ष में सभी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में तीव्र प्रयास किए हैं।
कानून-व्यवस्था में सुधार
उन्होंने कहा कि हेमन्त सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है और अपराध पर कड़ा अंकुश लगाया है। “बिहार की तरह संगठित अपराध की स्थिति झारखंड में बनने नहीं दी गई, अपराध को उद्योग बनने से सरकार ने रोका है,” उन्होंने कहा।
केंद्र पर विकास रोकने का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने झारखंड की 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये की राशि रोक कर विकास कार्यों को बाधित किया है। उन्होंने कहा कि इस धन का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और पर्यटन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में हो सकता था, लेकिन केंद्र की उदासीनता गरीब राज्य के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है। इसके बावजूद, राज्य सरकार अपने संसाधनों से विकास गति बनाए हुए है।
अंत में, कमलेश ने कहा कि गठबंधन सरकार जन-आकांक्षाओं पर खरी उतरी है और आगे भी विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के लिए लगातार कार्य करती रहेगी।
