धाका से बड़ी खबर है: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने Women’s Kabaddi World Cup 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में उन्होंने दमदार खेल दिखाते हुए चीनी ताइपे को 35-28 से मात दी और लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप का ताज अपने पाले में रखा।
पूरे टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने जबरदस्त प्रदर्शन किया — पहले वो अपने ग्रुप स्टेज में बिना कोई हार के आगे बढ़ीं और सेमीफाइनल में ईरान को 33-21 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
महिला कबड्डी में भारत की यह जीत सिर्फ खेल की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह उनकी निरंतरता, मानसिक मजबूती और टीम स्पिरिट का प्रतीक भी है।
फाइनल मुकाबले का पहला हाफ भारत के नाम रहा, जहाँ उन्होंने 20-16 की बढ़त बनाई। मुकाबले के दूसरे हाफ में चीनी ताइपे ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारत ने संयम और रणनीति के साथ मुकाबले को अपने नियंत्रण में रखा। आखिरी चार मिनटों में भारत ने निर्णायक मोड़ लाया और एक और ऑल-आउट के ज़रिए जीत तय की।
इस जीत के ज़रिए भारत ने अपनी वर्ल्ड कप वैभव को फिर से साबित किया है — वे अबतक महिला कबड्डी वर्ल्ड कप में अब तक के दोनों संस्करण (2012 और 2025) में अजेय हैं।
टीम के अहम खिलाड़ियों में संजू देवी का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा — उन्होंने फाइनल में कई अहम रेड्स लिए और टीम को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
वहीं, पुष्पा राणा ने दूसरे हाफ में महत्वपूर्ण दो-बिंदु वाली रेड लगाकर टीम का स्कोर आगे बढ़ाने में मदद की।
भारत की जीत पर खुशी व्यक्त करते हुए हरियाणा स्टीलर्स के कोच मनप्रीत सिंह ने कहा, “भारतीय महिला टीम ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया है। उनकी मेहनत, टीम वर्क और विश्वास शानदार है।”
पुनेरी पालतन के हेड कोच अजय ठाकुर ने भी टीम की समानता, संयम और उनकी सामूहिक हिस्सेदारी की सराहना की, और कहा कि यह जीत महिला कबड्डी की प्रगति का प्रतीक है।
फाइनल जीत के बाद भारतीय खिलाड़ी राष्ट्रीय ध्वज के साथ जीत की झड़ी लगाते हुए मैदान में जश्न मनाते दिखे।
इस जीत का महत्व सिर्फ ट्रॉफी तक सीमित नहीं है: यह दिल को एक बड़ा संदेश देता है कि भारतीय महिलाओं में खेलों में ऊँचा मुकाम हासिल करने की काबिलियत बहुत मजबूत है।
और यह जीत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी — कबड्डी में महिलाओं की भागीदारी और ग्लोबल स्तर पर उनकी प्रतिस्पर्धा दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।
