रांची में झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर “आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार” के तहत विशाल जनसेवा शिविर, उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने हाहाप पंचायत में किया नेतृत्व

झारखंड स्थापना की रजत जयंती के पावन अवसर पर रांची जिले में आज “आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर पंचायत स्तरीय जनसेवा शिविरों का आयोजन किया गया। सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल के अंतर्गत प्रशासनिक टीम स्वयं गांव-गांव पहुंचकर जनता को उनके द्वार पर ही सभी आवश्यक सेवाएँ, प्रमाण-पत्र और योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा रही है। इसी क्रम में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने नामकुम प्रखंड के हाहाप पंचायत में आयोजित भव्य शिविर में शिरकत की और ग्रामीणों के बीच विभिन्न सरकारी योजनाओं की परिसंपत्तियों का वितरण किया।

शिविर में उप विकास आयुक्त श्री सौरभ भुवनिया, प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री विजय कुमार, राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि श्री मुक्तिनाथ मिश्रा, विधायक प्रतिनिधि श्री एतवा मुंडा, प्रमुख श्रीमती आशा कच्छप, मुखिया श्रीमती नाने कच्छप सहित कई विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। शिविर में भारी संख्या में ग्रामीण पहुँचे और मौके पर ही जाति, आय, आवासीय प्रमाण-पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दाखिल-खारिज शुद्धि पत्र जैसी आवश्यक सेवाएं प्राप्त कीं। साथ ही सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना के तहत लाभुकों को वस्त्र वितरित किए गए।

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री भजन्त्री ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य सरकार की एक जन-केंद्रित और सार्थक पहल है, जिसके माध्यम से शासन-प्रशासन सीधे पंचायत स्तर पर पहुँचकर जनता की समस्याओं को सुन रहा है और त्वरित कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहे। शिविर में उन्होंने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, ग्राम गाड़ी योजना, मनरेगा सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और लाभ प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया ग्रामीणों को समझाई।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण मातृ-शिशु स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े पारंपरिक संस्कार रहे। उपायुक्त ने एक नवजात शिशु का अन्नप्राशन कराते हुए उसे स्वयं खीर खिलाई और उसके स्वस्थ भविष्य की कामना की। साथ ही एक गर्भवती महिला की गोद भराई रस्म भी पारंपरिक रीति से संपन्न की गई, जिसके तहत उन्हें पौष्टिक आहार किट और मातृत्व सुरक्षा सामग्री प्रदान की गई। उपायुक्त ने कहा कि सरकार माँ और बच्चे के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इन पारंपरिक संस्कारों को सरकारी कार्यक्रमों से जोड़ना जागरूकता का प्रभावी माध्यम है।

उप विकास आयुक्त श्री सौरभ भुवनिया ने भी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी जनसेवा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इन शिविरों का अधिकतम लाभ उठाएं और अपनी समस्याओं को निःसंकोच अधिकारियों के सामने रखें, ताकि उनका शीघ्र समाधान किया जा सके। रांची जिले में आयोजित यह विशाल शिविर सरकार की जनकल्याणकारी सोच और सेवा-भाव को जमीन पर उतारने का सशक्त उदाहरण साबित हुआ।

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