DSPMU आदिवासी छात्र संघ ने विवेक तिर्की के नेतृत्व में खरसावाँ गोलीकांड के शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

खरसावाँ (झारखंड):
1 जनवरी 1948 को हुए ऐतिहासिक खरसावाँ गोलीकांड की स्मृति में DSPMU आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष विवेक तिर्की के नेतृत्व में आदिवासी छात्र संघ के सैकड़ों कार्यकर्ता और सदस्य खरसावाँ पहुँचे तथा हजारों की संख्या में शहीद हुए वीर आदिवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरे क्षेत्र में शोक, सम्मान और संघर्ष की भावना देखने को मिली।

कार्यक्रम में आदिवासी समाज के स्त्री-पुरुष, युवा और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और “हुल जोहार” व “शहीदों अमर रहें” के नारों के साथ अपने पूर्वजों के बलिदान को स्मरण किया। यह आयोजन आदिवासी समाज के इतिहास, संघर्ष और अस्मिता को जीवित रखने का सशक्त प्रतीक बना।

इस अवसर पर आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की ने कहा कि खरसावाँ गोलीकांड आदिवासी समाज के इतिहास का सबसे दर्दनाक और काला अध्याय रहा है। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 1948 को अपने अधिकार, स्वाभिमान और पहचान की मांग कर रहे निहत्थे आदिवासियों पर गोलियाँ चलाई गई थीं, जो लोकतंत्र और मानवता पर सीधा हमला था।

उन्होंने आगे कहा कि खरसावाँ के शहीदों का बलिदान आदिवासी समाज को आज भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा देता रहा है। आदिवासी समाज ने कभी अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया और आगे भी एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करता रहेगा।

कार्यक्रम में उपस्थित दिनेश उराँव, अमित तिग्गा (रातू प्रखंड सचिव) और अनुज तिर्की (रातू प्रखंड कोषाध्यक्ष) ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि आज की युवा पीढ़ी के लिए अपने इतिहास और संघर्ष से जुड़ना अत्यंत आवश्यक रहा है।

इस अवसर पर आदिवासी छात्र संघ के सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे शिक्षा, अधिकार, रोजगार और सामाजिक न्याय की लड़ाई को और मजबूत करेंगे तथा नई पीढ़ी को आदिवासी इतिहास से जोड़ने का कार्य निरंतर जारी रखेंगे।

कार्यक्रम का समापन शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर और “हुल जोहार” के उद्घोष के साथ किया गया। आदिवासी छात्र संघ ने दोहराया कि खरसावाँ गोलीकांड के शहीदों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *