रेलवे का बड़ा कदम: बल्क सीमेंट ढुलाई पर माल भाड़ा घटा – सस्ते आवास निर्माण को मिलेगा बड़ा सहारा, नई कंटेनर नीति से एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स होगा आसान

नई दिल्ली। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए घर बनाने की लागत को कम करने की दिशा में रेलवे ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बल्क सीमेंट ढुलाई के लिए माल भाड़ा घटाने और बल्क सीमेंट टर्मिनलों की नई नीति की घोषणा की। यह कदम सीमेंट परिवहन सुधारों का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

नई नीति के तहत दूरी और भार आधारित सभी स्लैब खत्म कर दिए गए हैं तथा अब सीमेंट परिवहन की दर को ₹0.90 प्रति टन प्रति किलोमीटर (GTKM) की फ्लैट दर पर तर्कसंगत बनाया गया है। मंत्री ने इसे “गेम चेंजर” बताते हुए कहा कि इस सुधार से निर्माण क्षेत्र में लागत घटेगी और किफायती आवास को नई गति मिलेगी।


🚆 टैंक कंटेनर: प्रदूषण-मुक्त और कुशल लॉजिस्टिक्स का नया समाधान

नई नीति में टैंक कंटेनरों के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है, जो बल्क सीमेंट ढुलाई को प्रदूषण-मुक्त, तेज और एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक समाधान प्रदान करेंगे।
मंत्री ने बताया कि भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा फ्रेट कैरियर बन चुका है और रेलवे का नेटवर्क तेजी से आधुनिक हो रहा है।

  • ब्रॉड-गेज नेटवर्क लगभग पूरा इलेक्ट्रिफाइड
  • 1,300 से अधिक अमृत स्टेशन विकसित हो रहे
  • नेटवर्क विस्तार गति बढ़कर 12–14 किमी प्रतिदिन

टैंक कंटेनर की प्रमुख विशेषताएँ:

  • आकार: 20 ft × 8 ft × 8.5 ft
  • पेलोड: 26 टन
  • सकल वजन: 31 टन
  • लोडिंग/अनलोडिंग: 25–30 मिनट
    ये कंटेनर ट्रेन से ट्रेलर और ट्रेलर से दोबारा ट्रेन पर आसानी से स्थानांतरित होकर उत्पादन से उपभोग स्थल तक निर्बाध परिवहन सुनिश्चित करते हैं।

🏗️ देशभर में बनेंगे बल्क सीमेंट टर्मिनल

रेलवे ने बल्क सीमेंट परिवहन को अधिक कुशल बनाने के लिए नए टर्मिनलों की नीति भी जारी की है। ये टर्मिनल उत्पादन केंद्रों से उपभोग स्थलों तक सीमेंट की सुगम ढुलाई, भंडारण और वितरण सुनिश्चित करेंगे।

टर्मिनलों में शामिल होंगे:

  • हॉपर्स
  • साइलो
  • बैगिंग प्लांट
  • रेलवे नेटवर्क से सीधी कनेक्टिविटी
  • पूरी तरह यंत्रीकृत लॉजिस्टिक सुविधाएँ

नीति के प्रमुख लाभ

  • सीमेंट ढुलाई लागत में भारी कमी
  • सड़क परिवहन के मुकाबले कम कार्बन उत्सर्जन
  • सड़क यातायात में भीड़ कम
  • बड़े पैमाने पर एकबारगी ढुलाई
  • पैकेजिंग की जरूरत कम
  • स्पिलेज और सामग्री हानि में कमी
  • तेज लोडिंग/अनलोडिंग से बेहतर टर्नअराउंड टाइम

रेलवे की इस नीति से निर्माण क्षेत्र में लागत कम होने के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता को भी बढ़ावा मिलेगा। देश में सस्ते और किफायती घरों के निर्माण को इससे बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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