रांची/नई दिल्ली: झारखंड के विकास को एक नई ऊंचाई पर ले जाने और राज्य में निवेश व प्रगति की नई पटकथा लिखने के लिए देश की राजधानी दिल्ली का मंच पूरी तरह सज चुका है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आज से नई दिल्ली में दो दिवसीय भव्य ‘राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन 2026’ (National Stakeholders Consultation 2026) का आगाज़ हो रहा है।
इस दो दिवसीय उच्च स्तरीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के बड़े उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं, निवेशकों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाना है, ताकि झारखंड के चौमुखी विकास के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार किया जा सके।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे अगुवाई
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद इस पूरे कार्यक्रम की कमान संभाल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री इस मंच के जरिए देश के बड़े कॉरपोरेट घरानों और स्टेकहोल्डर्स के सामने झारखंड की नई नीतियों, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों, और बेहतर कानून-व्यवस्था का खाका पेश करेंगे। सरकार का मुख्य फोकस राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने, बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने और टिकाऊ विकास (Sustainable Development) को बढ़ावा देने पर है।
इन क्षेत्रों पर रहेगा विशेष ध्यान
दो दिनों तक चलने वाले इस मंथन में झारखंड के कई प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा होगी:
उद्योग और खनिज: राज्य के समृद्ध खनिज संसाधनों का सही और आधुनिक इस्तेमाल।
नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy): पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में नए निवेश।
पर्यटन और संस्कृति: झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना।
रोजगार और कौशल विकास: स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए नई योजनाओं पर विचार।
इस कंसल्टेशन को झारखंड के इतिहास में निवेश और विकास के लिहाज से एक ‘टर्निंग पॉइंट’ माना जा रहा है। दिल्ली के इस मंच से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन देश-दुनिया के निवेशकों को यह संदेश देना चाहते हैं कि झारखंड अब बदलाव और प्रगति के लिए पूरी तरह तैयार है।


