पटना। बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। भोजपुरी सिनेमा के चर्चित गायक और अभिनेता पवन सिंह सहित एनडीए के सभी नौ और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक उम्मीदवार ने निर्विरोध जीत दर्ज की।
गुरुवार को नाम वापसी की अवधि खत्म होने के बाद सभी को विजयी घोषित कर दिया गया। विधान परिषद की विधानसभा कोटे वाली 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव के लिए नौ उम्मीदवार तथा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा खाली की गई एक सीट पर भी उपचुनाव हुआ, जिसके लिए एक उम्मीदवार पर्चा भरा था।
सोमवार को कुल 10 सीटों पर 10 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। इनमें से नौ सीटों पर एनडीए और विपक्ष की ओर से राजद के एक प्रत्याशी ने पर्चा भरा। वैसे सबसे अधिक चर्चा एनडीए में शामिल राष्ट्रीय लोक मोर्चा को एक भी सीट नहीं देने को लेकर हो रही है।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के दीपक प्रकाश फिलहाल मंत्री हैं, लेकिन वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। ऐसी स्थिति में उनके मंत्री पद पर भी खतरा मंडराने लगा है। नियम के मुताबिक शपथ ग्रहण के छह महीने के बाद किसी भी सदन की सदस्यता ग्रहण करनी पड़ती है।
नवनिर्वाचित सदस्यों के नाम
नवनिर्वाचित एमएलसी में जदयू से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद शामिल हैं, जबकि भाजपा से भोजपुरी स्टार पवन सिंह, संजय प्रकाश, मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित विजयी घोषित किए गए। लोजपा (रामविलास) के अशरफ अंसारी और राजद के सुनील सिंह भी एमएलसी चुनाव जीत गए हैं।
बता दें कि राजद द्वारा सुनील सिंह को फिर से विधान परिषद भेजे जाने के निर्णय के बाद पार्टी में ही विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव के पुत्र तेज प्रताप यादव और पुत्री रोहिणी आचार्या ने भी इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम ने पार्टी के प्रमुख पदों से इस्तीफा दे दिया, हालांकि पार्टी ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया है।

