रांची: आदिवासी छात्र संघ, झारखंड, राजी पाड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत एवं सरना धर्म सोतो: समिति, खूँटी के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को प्रेस क्लब, करमटोली में आयोजित प्रेस वार्ता में परिसीमन, जनगणना में सरना धर्म कोड और पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई।
संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं संवैधानिक पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। प्रस्तावित परिसीमन, आगामी जनगणना में सरना धर्म कोड के अभाव तथा पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों के संवैधानिक अधिकारों को लेकर आदिवासी समाज में गहरी चिंता और असंतोष है।
प्रेस वार्ता में कहा गया कि झारखंड का गठन आदिवासी समाज की पहचान, अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के उद्देश्य से हुआ था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में इन अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ रही है। संगठनों ने मांग की कि प्रस्तावित परिसीमन में अनुसूचित जनजातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, जनगणना में सरना धर्म के लिए पृथक धर्म कोड लागू किया जाए तथा पाँचवीं अनुसूची और पेसा कानून के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए।
संगठनों ने यह भी मांग की कि अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीटों एवं राजनीतिक अधिकारों में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाए। इन मांगों के समर्थन में पूरे झारखंड में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन चलाने की घोषणा की गई है। आंदोलन के प्रथम चरण में ज्ञापन सौंपे जाएंगे, दूसरे चरण में जनजागरण अभियान और प्रेस वार्ताएं आयोजित की जाएंगी, जबकि तीसरे चरण में जिला एवं प्रखंड स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार से आदिवासी समाज की भावनाओं, संवैधानिक अधिकारों और झारखंड की मूल पहचान का सम्मान करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
प्रेस वार्ता में आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष Sushil Oraon, राजी पाड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत के महासचिव Vidyasagar Kerketta, राष्ट्रीय प्रवक्ता Sanjay Pahan, राष्ट्रीय प्रचारिका Renu Oraon, सरना धर्म सोतो: समिति खूँटी के संरक्षक Mathura Kandir सहित विभिन्न सामाजिक एवं छात्र संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

