नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने दक्षिण रेलवे के अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना (68 किमी) को 993 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य चेन्नई उपनगरीय रेल नेटवर्क में भीड़भाड़ कम करना, यात्री सुविधाओं में सुधार करना और माल परिवहन को मजबूत बनाना है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह परियोजना चेन्नई के व्यस्त उपनगरीय रेल नेटवर्क पर भीड़ कम करने, ट्रेनों की समयपालन क्षमता बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई को भी मजबूती मिलेगी तथा सीमेंट, ऑटोमोबाइल, अनाज, लोहा और इस्पात जैसी प्रमुख वस्तुओं के परिवहन को लाभ होगा।
यह रेलखंड चेन्नई समुद्र तट, तांबरम, चेंगलपट्टू और अरक्कोनम को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण चेन्नई उपनगरीय सर्कुलर रेल नेटवर्क का हिस्सा है। वर्तमान में इस एकल रेल लाइन पर क्षमता का अत्यधिक उपयोग हो रहा है और आने वाले वर्षों में यातायात बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त रेल अवसंरचना की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
रेल मंत्रालय के अनुसार दोहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों के ठहराव समय में कमी आएगी, समयपालन बेहतर होगा और उपनगरीय रेल सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाई जा सकेगी।
यह मार्ग महिंद्रा वर्ल्ड सिटी, श्रीपेरंबदूर, ओरगडम और इरुंगट्टुकोट्टई जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्रों को जोड़ता है। इसके अलावा ऑटोमोबाइल, सीमेंट और विनिर्माण उद्योगों के लिए भी यह रेलखंड अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। कांचीपुरम के निकट प्रस्तावित परंदूर हवाईअड्डा परियोजना भी इस रेलमार्ग के समीप स्थित है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई है।
रेलवे के अनुसार इस परियोजना से उपनगरीय और माल ढुलाई संपर्क बेहतर होगा, क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को तेज, सुरक्षित एवं अधिक विश्वसनीय रेल सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
