रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में गुरुवार को आदिवासी छात्र संघ (ACS) ने खेल विभाग से जुड़े गंभीर आरोपों के विरोध में विश्वविद्यालय में ताला-बंदी कर जोरदार प्रदर्शन किया। ACS के अध्यक्ष विवेक तिर्की के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन के कारण सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित रहीं और कक्षाएं बंद रहीं।
छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि खेल शिक्षक परमेश्वर महतो ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल कराने के नाम पर खिलाड़ियों से अवैध रूप से धन की वसूली की। वहीं, महिला छात्राओं ने उनके खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि खिलाड़ियों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है तथा विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट भी बाहरी लोगों को कथित रूप से लाखों रुपये लेकर जारी किए गए हैं।
आदिवासी छात्र संघ के अनुसार, इन सभी आरोपों को लेकर 27 अप्रैल 2026 को कुलपति डॉ. राजीव मनोहर को लिखित आवेदन और ज्ञापन सौंपा गया था। कुलपति ने निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद 5 जून 2026 को संघ के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से भी मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। हालांकि, संघ का आरोप है कि अब तक किसी भी दोषी के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ACS का कहना है कि दबाव के बाद जांच समिति का गठन तो किया गया, लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई।
इसी के विरोध में छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और कुलपति तथा खेल विभाग के समन्वयक का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों ने अवैध वसूली, महिला छात्राओं के कथित शोषण, खिलाड़ियों के साथ अन्याय और छात्र हितों की अनदेखी के मामलों में निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन में ACS के केंद्रीय सक्रिय सदस्य प्रकाश भगत, नामकुम प्रखंड इकाई के अध्यक्ष निशांत तिर्की, DSPMU की उपाध्यक्ष दीपा कच्छप, सचिव अमित टोप्पो, सीमा मुर्मू, अनिता तिर्की, निराली नीतू केरकेट्टा, अक्षय महतो, रोहित उरांव, ओम प्रकाश उरांव, आरयू के मांडर कॉलेज अध्यक्ष लक्ष्मण उरांव, पूर्व सचिव संदीप उरांव, झारखंड स्पोर्ट्स यूनियन के अनूप कुमार यादव, रोहित राज, आकाश गुप्ता, सुनील यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

