आसनसोल मंडल ने अनधिकृत अलार्म चेन पुलिंग के खिलाफ वित्तीय वर्ष 2025–26 में सख्त कार्रवाई करते हुए 1,484 मामले दर्ज किए हैं। इनमें 1,455 दोषियों को गिरफ्तार किया गया और ₹8.78 लाख का जुर्माना वसूला गया। यह अभियान “ऑपरेशन समय पालन” के तहत रेलवे सुरक्षा बल और अन्य विभागों के समन्वय से चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित और समयनिष्ठ रेल सेवाएं सुनिश्चित करना है।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अलार्म चेन केवल आपातकालीन स्थितियों के लिए है, लेकिन इसके दुरुपयोग से ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था बाधित होती है और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर लगातार जागरूकता अभियान, उद्घोषणाएं और जांच अभियान चलाए जा रहे हैं, फिर भी इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, गैर-निर्धारित स्थानों पर ट्रेन रोकने से न केवल परिचालन प्रभावित होता है, बल्कि परीक्षा देने जा रहे छात्र, इलाज के लिए यात्रा कर रहे मरीज और ड्यूटी पर जा रहे कर्मचारियों को भी दिक्कत होती है। हाल ही में एक घटना में अनावश्यक चेन पुलिंग के कारण एक यात्री की चिकित्सीय यात्रा प्रभावित हो गई, जिससे उसकी चिंता बढ़ गई।
रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 141 के तहत अलार्म चेन का दुरुपयोग दंडनीय अपराध है, जिसमें एक वर्ष तक की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। आसनसोल मंडल ने यात्रियों से अपील की है कि वे जिम्मेदारीपूर्वक व्यवहार करें और चेन पुलिंग का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही करें।
आसनसोल मंडल ने अनधिकृत अलार्म चेन पुलिंग के खिलाफ वित्तीय वर्ष 2025–26 में सख्त कार्रवाई करते हुए 1,484 मामले दर्ज किए हैं। इनमें 1,455 दोषियों को गिरफ्तार किया गया और ₹8.78 लाख का जुर्माना वसूला गया। यह अभियान “ऑपरेशन समय पालन” के तहत रेलवे सुरक्षा बल और अन्य विभागों के समन्वय से चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित और समयनिष्ठ रेल सेवाएं सुनिश्चित करना है।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अलार्म चेन केवल आपातकालीन स्थितियों के लिए है, लेकिन इसके दुरुपयोग से ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था बाधित होती है और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर लगातार जागरूकता अभियान, उद्घोषणाएं और जांच अभियान चलाए जा रहे हैं, फिर भी इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, गैर-निर्धारित स्थानों पर ट्रेन रोकने से न केवल परिचालन प्रभावित होता है, बल्कि परीक्षा देने जा रहे छात्र, इलाज के लिए यात्रा कर रहे मरीज और ड्यूटी पर जा रहे कर्मचारियों को भी दिक्कत होती है। हाल ही में एक घटना में अनावश्यक चेन पुलिंग के कारण एक यात्री की चिकित्सीय यात्रा प्रभावित हो गई, जिससे उसकी चिंता बढ़ गई।
रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 141 के तहत अलार्म चेन का दुरुपयोग दंडनीय अपराध है, जिसमें एक वर्ष तक की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। आसनसोल मंडल ने यात्रियों से अपील की है कि वे जिम्मेदारीपूर्वक व्यवहार करें और चेन पुलिंग का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही करें।

