राँची, 6 जून: झारखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं, जनजातीय भाषाओं की उपेक्षा और विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ आदिवासी छात्र संघ (DSPMU) के अध्यक्ष विवेक तिर्की के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंचकर महामहिम राज्यपाल को पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में सीमा मुर्मू और ओम प्रकाश उराँव भी शामिल थे।ज्ञापन में जनजातीय भाषा विभागों के सुदृढ़ीकरण, पारंपरिक लिपियों को पाठ्यक्रम में शामिल करने, छात्र संघ चुनाव कराने, शिक्षकों की कमी दूर करने तथा DSPMU के खेल विभाग में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की गई।विवेक तिर्की ने कहा कि झारखंड के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र-छात्राएं बुनियादी सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने जनजातीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आधुनिक भवन, पुस्तकालय, संग्रहालय और धुमकुड़िया की स्थापना पर जोर दिया।राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीर बताते हुए संबंधित मामलों पर आवश्यक कार्रवाई और उचित दिशा-निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया।

