कोलकाता में पूर्व रेलवे ने ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पूर्ण विद्युतीकृत नेटवर्क के माध्यम से संचालित सेवाओं के कारण कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम रखा जा रहा है, वहीं सौर ऊर्जा और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से ऊर्जा बचत को बढ़ावा दिया जा रहा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में पूर्व रेलवे ने 22.15 मिलियन यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.40 प्रतिशत अधिक है। इससे ₹12.13 करोड़ की बचत हुई, जो पिछले वर्ष के ₹11.39 करोड़ से अधिक है।
पावर फैक्टर में सुधार के जरिए भी रेलवे ने फरवरी 2026 तक ₹4.40 करोड़ और मार्च 2026 में ₹1.36 करोड़ की अतिरिक्त बचत दर्ज की। वहीं 3-फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के उपयोग से मार्च 2026 में ₹16.86 करोड़ की बचत हुई, जिसमें औसत मासिक बचत ₹14.43 करोड़ रही।
डीजल इंजनों को नियंत्रित रूप से बंद करने के कारण हाई स्पीड डीजल की खपत में 3277.26 किलोलीटर की कमी आई, जिससे ₹30.56 करोड़ की बचत संभव हुई।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने बताया कि इन उपायों से न केवल ऊर्जा की बचत हो रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है।

