पेयजल और स्वच्छता मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने रांची में विभागीय कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान चापानलों की मरम्मत को लेकर गंभीर लापरवाही पर नाराजगी जताई। बैठक में अधिकारियों द्वारा गलत जानकारी प्रस्तुत किए जाने पर मंत्री ने कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि कामकाज में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने निर्देश दिया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए खराब पड़े चापानलों की मरम्मत युद्धस्तर पर की जाए, ताकि लोगों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि आम जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक के दौरान जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जमीनी स्तर पर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ सही समय पर आम लोगों तक पहुंच सके। मंत्री के सख्त रुख के बाद विभागीय अधिकारियों में हड़कंप का माहौल देखा गया।
