झारखंड की राजनीति में महिला वंदन विधेयक और अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला है।
मरांडी ने अपने पोस्ट में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को अमलीजामा पहनाने में विफलता के कारण देश और राज्य की आधी आबादी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। उन्होंने इसे केवल एक विधेयक का गिरना नहीं, बल्कि महिलाओं के उस विश्वास का टूटना बताया, जो वे समान भागीदारी और बेहतर भविष्य के लिए वर्षों से संजोए हुए थीं।
उन्होंने कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी जैसे दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने महिला सशक्तिकरण के इस महत्वपूर्ण अवसर का विरोध कर अपनी महिला विरोधी मानसिकता को उजागर किया है। मरांडी ने कहा कि दशकों से महिलाएं राजनीति और नीति-निर्माण में बराबरी की भागीदारी की प्रतीक्षा कर रही हैं, लेकिन विपक्षी दलों का रवैया इस दिशा में बाधा बन रहा है।
वहीं, एक अन्य पोस्ट में बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग अब सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गई है, बल्कि यह एक “सुव्यवस्थित वसूली उद्योग” का रूप ले चुकी है।
मरांडी के इन आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्माने की संभावना है।
