रांची, 13 अप्रैल:
रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने निजी विद्यालयों को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि राइट टू एजुकेशन (RTE) के नियमों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके नेतृत्व में आयोजित जिलास्तरीय बैठक में सीबीएसई, आईसीएसई और जैक बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने RTE के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि निजी विद्यालय छात्रों और अभिभावकों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं कर सकते। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि वार्षिक शुल्क, री-एडमिशन या किसी अन्य नाम पर अतिरिक्त फीस वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस तरह की शिकायतें मिलने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि “अबुआ झारखंड” पोर्टल पर री-एडमिशन और अतिरिक्त शुल्क से जुड़ी कई शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिन्हें प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों द्वारा यूनिफॉर्म और पुस्तकों की अनिवार्य खरीद को लेकर भी शिकायतें मिली हैं, जिस पर निगरानी रखी जा रही है।
बैठक में कई विद्यालयों से नियमों की अनदेखी को लेकर जवाब-तलब भी किया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी निजी विद्यालय 20 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से पेरेंट्स-टीचर एसोसिएशन (PTA) का गठन करें। इसके साथ ही शुल्क निर्धारण समिति के गठन का प्रावधान भी लागू करने को कहा गया है।
उन्होंने दोहराया कि RTE के तहत निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना सभी स्कूलों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई तय है। प्रशासन का स्पष्ट रुख है कि शिक्षा के अधिकार से समझौता नहीं किया जाएगा।
