अकादमिक दृष्टिकोण से पाठ्यक्रमों को समयबद्ध पूरा कर परीक्षाओं का आयोजन, विश्वविद्यालय की पहली प्राथमिकता। कुलपति डॉ राजीव मनोहर।

कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने सभी संकायों के डीन, विभागाध्यक्षों और समन्वयकों के साथ बैठक की।

दिनांक 1 अप्रैल को अपराह्न 2 बजे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में सभी संकायों के डीन, विभागाध्यक्षों और समन्वयकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी परिक्षाओं, विभागीय स्तर पर नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत, पीएचडी प्रावधानों , NAAC और पीएचडी कोर्स वर्क पाठ्यक्रम पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विशेष तौर पर सभी विभागाध्यक्षों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि स्नातक सेमेस्टर 3 और पांच के पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता के आधार पर 15 मई 2026 तक अवश्य पूरा कर लिया जाए ताकि उपरोक्त परीक्षाएं 15 मई से 30 के मध्य आयोजित कर सत्र को नियमित किया जा सके। उन्होंने इस हेतु विभागाध्यक्षों को विशेष कक्षाओं को आयोजित करने की बात कही। उन्होंने इसी संदर्भ में स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाओं को 15 अप्रैल के उत्तरार्ध में आयोजित करने से संबंधित तैयारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अकादमिक दृष्टिकोण से पाठ्यक्रमों को पूरा करना और समय से परिक्षाओं को संपन्न कराना विश्वविद्यालय की विद्यार्थियों के प्रति एक निश्चित जिम्मेवारी है। उन्होंने इस क्रम में ऑनलाइन कक्षाओं को भी महत्वपूर्ण बताया। इस बैठक में विद्यार्थियों के लिए उपयोगी ई समर्थ पोर्टल की विस्तृत जानकारी डॉ अनुपम ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी। कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने बताया कि जल्द ही विश्वविद्यालय NAAC के आगमन की तैयारी में जुटेगा और इस संदर्भ में विश्वविद्यालय डिजिटल मोड को और अधिक उपयोगी और प्रासंगिक बनाने की दिशा में पहल करेगा। इस संदर्भ में उन्होंने विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर शिक्षकों के व्याख्यान, शिक्षण सामग्री को विद्यार्थियों के लिए सहज उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने इस संवाद और विमर्श बैठक के दौरान शिक्षकों से कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता विश्वविद्यालय की मूलभूत समस्याओं को चिन्हित कर उनके निराकरण की होगी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय की पहचान शोध और अनुसंधान से होती है अतः इस दिशा में उनका पूरा प्रयास और सहयोग विश्वविद्यालय परिवार को प्राप्त होगा। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए शिक्षण प्रणाली को भी रुचिकर और प्रासंगिक बनाने की बात कही । इस बैठक में कुलसचिव डॉ धनंजय वासुदेव द्विवेदी, परीक्षा नियंत्रक शुचि संतोष बरवार, सभी संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, निदेशक और समन्वयक मौजूद थे।यह जानकारी पीआरओ डॉ राजेश कुमार सिंह ने दी।

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