राष्ट्रीय सम्मेलन में DSPMU के विद्यार्थियों को यंग साइंटिस्ट अवार्ड, कुलपति बोले- शोध और सांस्कृतिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

Dr. Shyama Prasad Mukherjee University के मत्स्य विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय को गौरवान्वित किया है। धनबाद स्थित Binod Bihari Mahto Koyalanchal University में आयोजित दो दिवसीय बहुविषयक राष्ट्रीय सम्मेलन “SYNERBIO-2026” में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित “यंग साइंटिस्ट अवार्ड” से सम्मानित किया गया।

यह सम्मेलन 11 एवं 12 मई को “ग्रीन उद्यमिता एवं सतत आजीविका हेतु जैविक नवाचार” विषय पर आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और वैज्ञानिकों ने भाग लिया। सम्मेलन में DSPMU के मत्स्य विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों सौरभ कुमार, मोहम्मद जुनुर्रैन, अशोक कुमार, होसामुद्दीन अहमद, सुमित कुमार वर्मा एवं खुशबू पांडेय ने झारखंड के विभिन्न अंतर्देशीय जलाशयों में मत्स्य जैव विविधता पर आधारित शोध पोस्टर प्रस्तुत किया।

विद्यार्थियों के शोध कार्य, वैज्ञानिक सोच और प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण से प्रभावित होकर सोसाइटी ऑफ लाइफ साइंसेज (SLS) ने उन्हें “यंग साइंटिस्ट अवार्ड” प्रदान किया। साथ ही पोस्टर प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के दल ने प्रथम एवं तृतीय स्थान भी हासिल किया।

इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति Dr. Rajeev Manohar एवं कुलसचिव Dr. Dhananjay Vasudev Dwivedi ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को शोध, नवाचार, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए लगातार प्रेरित करेगा और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी विभागों में नियमित अंतराल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों के आयोजन, शोध गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर अकादमिक वातावरण के साथ-साथ बाह्य प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय में नए पाठ्यक्रमों के आरंभ होने से शोध एवं अन्वेषण की संभावनाएं और अधिक बढ़ेंगी।

इस शोध कार्य का मार्गदर्शन विभाग के शिक्षकों Dr. K. M. Khan, Dr. Pooja Mandal एवं Dr. Namrata Singh ने किया। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के पीआरओ Dr. Rajesh Kumar Singh ने दी।

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