विशू शिकार का उत्साह मातम में बदला, लापुंग में वज्रपात से युवक की मौत; एक गंभीर

बेड़ो/लापुंग:
बेड़ो प्रखंड के 12 पड़हा मुंडा मसिया के 12 गांवों और विभिन्न टोलों से निकले तीन दिवसीय विशू शिकार का समापन इस बार दर्दनाक हादसे के साथ हुआ। शिकार के अंतिम दिन लापुंग थाना क्षेत्र के घघारी टोली में हुए भीषण वज्रपात (ठनका) की चपेट में आने से 19 वर्षीय संजय उरांव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी 18 वर्षीय आशीष उरांव गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

भोजन के बाद घर लौटने की तैयारी में हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब शिकारी दल घघारी बाबा धाम के निकट घघारी जंगल के पास दोपहर का भोजन कर वापस लौटने की तैयारी कर रहा था। बताया गया कि संजय उरांव और आशीष उरांव अपनी बाइक पर बैठ चुके थे, तभी अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ भीषण वज्रपात हुआ।
वज्रपात की चपेट में आते ही दोनों युवक जमीन पर गिर पड़े, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और उपस्थित लोग तत्काल उनकी मदद में जुट गए।

अस्पताल ले जाने पर संजय को मृत घोषित किया गया

घटना के समय मौके पर पड़हा राजा हेमराज मुंडा, नेहालू पंचायत के मुखिया विरेन्द्र भगत, उप मुखिया सह समाजसेवी जितिया उरांव, पारसनाथ तिर्की सहित हजारों लोग मौजूद थे। ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल बेड़ो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
जहां चिकित्सकों ने संजय उरांव को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल आशीष उरांव को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया गया।

विशू शिकार की खुशियां पलभर में गम में बदलीं

विशू शिकार आदिवासी समाज की एक पारंपरिक और सांस्कृतिक पहचान मानी जाती है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन में शामिल होते हैं। लेकिन इस बार समापन के दिन हुए हादसे ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया।
घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे समाज में गहरा दुख और आक्रोश देखा जा रहा है।

सरकार से मुआवजे और नौकरी की मांग

हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उप मुखिया सह समाजसेवी जितिया उरांव ने कहा कि विशू शिकार आदिवासियों की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर है, लेकिन इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि—

  • मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
  • आश्रित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
  • घायल युवक के समुचित इलाज की पूरी व्यवस्था सरकार द्वारा कराई जाए।

ग्रामीणों में शोक, बड़ी संख्या में लोग पहुंचे

घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। मौके पर मंगरा लकड़ा, भौंरा उरांव, सन्नी कच्छप, विनोद उरांव, अरविंद भगत और श्रवण उरांव सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
सभी ने मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया और प्रशासन से त्वरित राहत व सहायता देने की मांग की।

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