विश्वविद्यालय के प्रति आत्मीयता और जुड़ाव ही उसके उत्तरोत्तर प्रगति का सूचक।कुलपति डॉ राजीव मनोहर।

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राजीव मनोहर की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय में दो महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन।

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 11बजे और अपराह्न 2 बजे अपनी अध्यक्षता में दो महत्वपूर्ण बैठकों को आयोजित किया। प्रथम बैठक में उन्होंने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के विभिन्न संकायों से जुड़े शोधार्थियों के साथ गहन संवाद और विमर्श किया। इस दौरान उन्होंने शोधार्थियों के समक्ष शोध कार्य के दौरान आने वाली विभिन्न शैक्षणिक समस्याओं को सुना और उसके त्वरित निष्पादन की बात कही। उनका यह मानना था कि शोध कार्य के दौरान पूर्णता लाने के लिए शोधार्थियों को अपने अध्ययन के क्रम में किसी प्रकार का शैक्षणिक अवरोध का सामना नहीं करना चाहिए। इस दौरान काफी बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शोधार्थियों के साथ उन्होंने अपने विचार साझा किए। नवनियुक्त कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने शोधार्थियों के साथ एक सामूहिक संवाद और बैठक कर एक सकारात्मक पहल की शुरुआत की है।
इसके उपरांत उन्होंने अपराह्न 2 बजे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के विभिन्न संकाय के विभागाध्यक्षों के साथ एक बैठक कर संवाद और विमर्श किया। इसके अंतर्गत उन्होंने विभागों की वर्ग तालिका, तत्काल आयोजित की जानेवाली परीक्षाओं, अकादमिक स्थिति और विभागीय पुस्तकों, पाठ्यक्रम की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह काफी महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम तत्काल आगामी शैक्षणिक लक्ष्यों की ओर केंद्रित रहे और इस क्रम में आनेवाली स्नातक परिक्षाओं के पाठ्यक्रम के पूरा करना हमारी प्राथमिकता में रहना चाहिए। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय से जुड़ी सभी समस्याओं को प्राथमिकताओं के आधार पर शीघ्र सही निष्पादन पर अपना जोर दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह महत्वपूर्ण नहीं है कि हम साधनों की कमी को कार्य की प्रगति में अवरोधक मानें, बल्कि यह अधिक महत्वपूर्ण है कि हम उपलब्ध सीमित संसाधनों में कैसे समाधान ढूंढे और अकादमिक और प्रशासनिक प्रगति की ओर उन्मुख रहें। उन्होंने कहा कि इसके उपरांत वह अगले चरण में प्रत्येक विभागों के शिक्षकों से प्रत्यक्ष तौर पर संवाद कर उनके साथ समन्वय और लक्ष्यों को निर्धारित कर विश्वविद्यालय की उत्तरोत्तर प्रगति पर केंद्रित रहेंगे। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही विश्वविद्यालय के विभिन्न समस्याओं का त्वरित निदान संभव हो पाएगा। गौर तलब है कि कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने दो दिनों पूर्व इसी तर्ज पर विश्वविद्यालय के लेखा विभाग और परीक्षा विभाग के साथ अलग अलग बैठक की थी, जिसके मूर्त परिमाण भी दृष्टिगत होने लगे है। इस दौरान कुलसचिव डॉ धनंजय द्विवेदी भी उपस्थित रहें। यह जानकारी पीआरओ डॉ राजेश कुमार सिंह ने दी।

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