रांची : हिंदू छात्र संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति राजीव मनोहर से मुलाकात कर छात्र हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर 7 सूत्री मांग पत्र सौंपा। संगठन ने विश्वविद्यालय के खेल विभाग, शिक्षकों की कार्यशैली एवं मूलभूत सुविधाओं में कथित अनियमितताओं पर गंभीर चिंता जताते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की।
संगठन की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सत्र 2025-26 में विश्वविद्यालय की वॉलीबॉल एवं कबड्डी टीमों में वास्तविक खिलाड़ियों की उपेक्षा कर बाहरी खिलाड़ियों को अवसर दिया गया। इसके अलावा एथलेटिक्स, फुटबॉल एवं गर्ल्स टीमों के चयन को लेकर भी लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। हिंदू छात्र संघ ने इन सभी मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि खेल समारोहों एवं प्रतियोगिताओं में ऐसे लोगों को मेडल, प्रमाण पत्र एवं अन्य सुविधाएं दी गईं जिनका विश्वविद्यालय से कोई संबंध नहीं था। संगठन ने खेल सामग्री की खरीद एवं अन्य खर्चों में वित्तीय अनियमितता की आशंका जताते हुए निष्पक्ष एवं प्रदेश स्तरीय जांच कराने की मांग उठाई।
संगठन ने सत्र 2024-25 में DSPMU फुटबॉल टीम एवं बालिका फुटबॉल टीम के चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। ज्ञापन में कहा गया कि कई योग्य खिलाड़ियों को टीम में स्थान नहीं दिया गया, जबकि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।
छात्र नेता प्रेम कुमार ने कहा कि कुलपति राजीव मनोहर स्वयं सुबह 9:30 बजे विश्वविद्यालय पहुंचकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और छात्रों के बीच जाकर कक्षाएं भी लेते हैं, लेकिन कई शिक्षक निर्धारित समय के बावजूद देर से पहुंचते हैं और नियमित कक्षाएं नहीं लेते। उन्होंने विश्वविद्यालय में सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने तथा लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
इसके अलावा नई बिल्डिंग में बने शौचालयों की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई गई और जल्द सफाई एवं मरम्मत कराने की मांग रखी गई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि छात्र हित से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में जीतू कुमार, सूरज गिरी, मनजीत सिंह, अभिजीत मिश्रा, राज रे एवं कर्मवीर मौजूद रहे।
