DSPMU में जनजातीय भाषा विभागों में शिक्षक पद सृजन की मांग, आदिवासी छात्र संघ ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन

रांची : Adivasi Chhatra Sangh के DSPMU अध्यक्ष Vivek Tirkey के नेतृत्व में छात्रों ने Dr. Shyama Prasad Mukherjee University के कुलपति Rajeev Manohar को ज्ञापन सौंपकर कुड़ूख एवं नागपुरी भाषा विभाग में UGC गाइडलाइन के तहत शिक्षक पद सृजन की मांग की।

अध्यक्ष विवेक तिर्की ने कहा कि कुड़ूख, मुण्डारी एवं नागपुरी भाषा की पढ़ाई वर्ष 1985 से तत्कालीन रांची कॉलेज, वर्तमान DSPMU में शुरू हुई थी। वर्ष 2018 में कुड़ूख भाषा विभाग को मान्यता भी मिल गई, लेकिन आज तक विभाग में पर्याप्त शिक्षकों के पद सृजित नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है, बावजूद इसके स्थायी शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई, शोध और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

ज्ञापन में मांग की गई कि UGC गाइडलाइन के अनुसार UG एवं PG स्तर को मिलाकर कुड़ूख भाषा विभाग में कम-से-कम 7 शिक्षकों के पद शीघ्र स्वीकृत किए जाएं। साथ ही नागपुरी एवं अन्य जनजातीय भाषा विभागों को भी समान संसाधन और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

विवेक तिर्की ने कहा कि जनजातीय भाषाओं के साथ लंबे समय से उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जा रहा है, जिसे अब आदिवासी छात्र संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को 2 दिनों के भीतर सकारात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी देते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

वहीं कुलपति प्रो. डॉ. राजीव मनोहर ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण विषय है और इस पर शीघ्र उचित निर्णय लिया जाएगा।

इस अवसर पर सीमा मुर्मू, अनिता तिर्की, अंशु टोप्पो, प्रीति टोप्पो, खुशबू कुमारी, राधेश्याम लकड़ा सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Top