रांची। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखण्ड द्वारा 25 जून 2025 को जारी अधिसूचना संख्या 2632/रांची के तहत 64 पुलिस निरीक्षकों को पुलिस उपाधीक्षक के पद पर प्रोन्नति दी गई थी, लेकिन लगभग सात माह बीत जाने के बावजूद अब तक उनकी पदस्थापना नहीं हो सकी है। इस देरी के कारण नवप्रोन्नत पुलिस उपाधीक्षकों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
पुलिस एसोसिएशन के अनुसार, इन 64 नवप्रोन्नत पुलिस उपाधीक्षकों में से कई अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि जनवरी 2026 में चार अन्य अधिकारी—श्री अखिलेश प्रसाद मंडल, श्री सरोज कुमार सिंह, श्री शैलेश प्रसाद एवं श्री विनोद उरांव—सेवानिवृत्त होने वाले हैं। पदस्थापना नहीं होने से प्रोन्नति का वास्तविक लाभ अधिकारियों को नहीं मिल पा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर 28 जनवरी 2026 को झारखण्ड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने प्रधान सचिव, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखण्ड से मुलाकात कर नवप्रोन्नत पुलिस उपाधीक्षकों की शीघ्र पदस्थापना की मांग की। साथ ही पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के लंबित भत्ता पुनरीक्षण को लागू कर उसका लाभ देने का अनुरोध भी किया गया।
प्रेस वार्ता के दौरान राहुल कुमार मुर्मू ने कहा कि वर्तमान में भले ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है, लेकिन सरकार के पास इस विषय पर विचार करने और निर्णय लेने के लिए पर्याप्त समय है। उन्होंने कहा कि जब राज्य के पास योग्य, प्रशिक्षित और अनुभवी अधिकारी मौजूद हैं, तो उनकी सेवाओं का उपयोग नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
पुलिस एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि बार-बार अनुरोध के बावजूद यदि सरकार और संबंधित प्राधिकार द्वारा मांगों की उपेक्षा की गई, तो इससे राज्य के पुलिस पदाधिकारियों के कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। एसोसिएशन के सदस्यों में रोष बढ़ता जा रहा है और जल्द समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन का दबाव बन रहा है।
प्रेस वार्ता में उपाध्यक्ष-1 मो. महताब आलम, उपाध्यक्ष-2 रोहित रजक, महामंत्री संजीव कुमार तथा संयुक्त सचिव-1 संतोष कुमार महतो उपस्थित रहे। पुलिस एसोसिएशन ने सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या के समाधान की मांग की है।
