रांची। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), रांची के प्रशासनिक भवन को आज विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से तालाबंद कर दिया गया। यह विरोध विश्वविद्यालय युवा महोत्सव ‘स्पंदन’ के बाद केंद्रीय युवा महोत्सव में प्रतिभागियों के चयन को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों के चलते किया गया।
उल्लेखनीय है कि DSPMU में विश्वविद्यालय युवा महोत्सव ‘स्पंदन’ का आयोजन 22 से 24 दिसंबर 2025 तक किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया। महोत्सव के उपरांत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया था। इसके बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को केंद्रीय युवा महोत्सव ‘स्पंदन’ में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया।
छात्र संगठनों का आरोप है कि इस चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता और पक्षपात बरता गया। कई ऐसे लोगों को केंद्रीय आयोजन में शामिल किया गया, जो न तो विश्वविद्यालय स्तर के ‘स्पंदन’ में सम्मिलित थे और न ही DSPMU के नियमित विद्यार्थी हैं। वहीं, कई योग्य आदिवासी विद्यार्थियों को जानबूझकर चयन से बाहर कर दिया गया। आरोप यह भी है कि प्रोफेसरों के चहेते और कॉलेज के एनएसएस समूह से जुड़े छात्रों को प्राथमिकता दी गई।
इसी भेदभावपूर्ण रवैये के विरोध में आजसू (AJSU) छात्र संघ, आदिवासी छात्र संघ एवं एनएसयूआई (NSUI) ने संयुक्त रूप से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में तालाबंदी की। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन शीघ्र इस मामले में संज्ञान नहीं लेता है, तो सभी छात्र संगठन मिलकर चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।
आजसू (AJSU) के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्री बबलू महतो ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह अन्यायपूर्ण है और इसे अविलंब सुधारा जाना चाहिए। वहीं, आदिवासी छात्र संघ के DSPMU अध्यक्ष श्री विवेक तिर्की ने कहा कि आदिवासी विद्यार्थियों की प्रतिभा को दबाया जा रहा है और किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस तालाबंदी एवं विरोध प्रदर्शन में दिनेश उराँव, सीमा मुर्मू, सतीश, योगेश, रवि, परसंथ, नीरज सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
