राँची: Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (DSPMU) के जैकब हॉल में आज आदिवासी छात्र संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की ने की। बैठक का मुख्य मुद्दा था—पिछले एक वर्ष से झारखंड के आदिवासी व पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं को e-Kalyan सहित अन्य छात्रवृत्तियों का भुगतान न होना, तथा इस समस्या के समाधान के लिए आगे की रणनीति तय करना।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि DSPMU में स्थायी कुलपति की शीघ्र नियुक्ति की मांग को पहली प्राथमिकता के रूप में उठाया जाएगा। छात्रों ने कहा कि अस्थायी कुलपति के कारण प्रशासनिक निर्णयों में देरी होती है, जिससे विश्वविद्यालय का कार्य प्रभावित होता है। इस संदर्भ में राज्यपाल महोदय से औपचारिक अनुरोध भेजने का निर्णय लिया गया।
संघ ने संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 28 नवंबर से सदस्यता अभियान चलाने की घोषणा भी की। साथ ही, छात्रों में आपसी समन्वय और मनोबल बढ़ाने के लिए कॉलेज स्तर पर एक सामूहिक पिकनिक आयोजित करने का प्रस्ताव भी बैठक में पारित किया गया।
अध्यक्ष विवेक तिर्की ने अपनी बात रखते हुए कहा कि छात्रवृत्ति न मिलने से कई आदिवासी व पिछड़े वर्ग के छात्र आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। उन्होंने कहा—“e-Kalyan जैसी योजनाएँ गरीब छात्रों के लिए जीवनरेखा हैं; लेकिन समय पर राशि न मिलना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।”
संघ के सचिव अमित टोप्पो ने भी देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि फीस, हॉस्टल, फॉर्म भरने जैसे जरूरी खर्चों के लिए छात्र महीनों से प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं निकला, तो संघ आगे आंदोलन जैसे कठोर कदमों पर भी विचार करेगा।
बैठक में एसीएस कोषाध्यक्ष नितेश टोप्पो, उप कोषाध्यक्ष पायल बांडो, मनीष मिंज, सृष्टि तिर्की, गुड़िया रानी कुजूर, राहुल उराँव, आयुष मुंडा, सीताराम उराँव, कलेस उराँव, संदीप उराँव, अमर उराँव, मनीष कुमार बेडिया, रोहित तिर्की समेत कई सदस्य उपस्थित रहे।
आदिवासी छात्र संघ ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में छात्रवृत्ति, प्रशासनिक पारदर्शिता और छात्र हितों को मजबूती देने के लिए संघर्ष और भी तेज किया जाएगा।
