जिला मुख्यालय में मंगलवार को दुमका उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य इंडिकेटरों की प्रगति पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई और आवश्यक सुधार उपायों पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि जिले में 97 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीकरण किया गया है और संस्थागत प्रसव को शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया गया है। उपायुक्त ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि सभी हेल्थ सब-सेंटरों में बीपी मीटर, ग्लूकोमीटर सहित सभी आवश्यक उपकरण उपलब्ध और क्रियाशील रहें। विभाग की ओर से बताया गया कि सभी एचएससी में उपकरण, टेस्टिंग किट और ड्रेसिंग किट उपलब्ध हैं और सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं।
उपायुक्त सिन्हा ने सभी सीएचसी में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रखने, तथा जहाँ एक्स-रे मशीन उपलब्ध हैं उन्हें पूर्ण रूप से चालू अवस्था में रखने का निर्देश दिया। ममता वाहनों की संख्या बढ़ाने को लेकर भी उन्होंने आवश्यक कदम उठाने को कहा।
स्वास्थ्य सहिया के चयन प्रक्रिया को नियमानुसार एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में बताया गया कि जिले में कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) मरीजों की पहचान हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही, उपायुक्त ने आयुष्मान भारत कार्ड के ई-केवाईसी कार्य को प्राथमिकता आधारित तरीके से कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सहिया लाभुकों को नजदीकी प्रज्ञा केंद्र ले जाकर वीएलई की मदद से ई-केवाईसी सुनिश्चित करें।
बैठक के अंत में मसलिया के एमओआईसी को उत्कृष्ट कार्य के लिए मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों को भी मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।
यह समीक्षा बैठक जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

