
आदिवासी छात्र संघ की केंद्रीय समिति के तत्वावधान में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा कारागार, रांची में एक भव्य एवं गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। समिति के सदस्यों ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माला अर्पित कर गहरी श्रद्धा व्यक्त की और उनके अमर योगदान को नमन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी पारंपरिक रीति-रिवाज़ों के साथ हुई, जहां छात्र-छात्राओं और पदाधिकारियों ने सामूहिक मौन रखकर धरती आबा को याद किया। इस दौरान आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उराँव ने कहा कि बिरसा मुंडा आदिवासी अस्मिता और अधिकारों के अमर प्रतीक थे। जल–जंगल–ज़मीन की रक्षा के लिए उनके संघर्ष से आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
DSPMU एवं रांची कॉलेज ACS के अध्यक्ष विवेक तिर्की ने भी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिरसा मुंडा की लड़ाई इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है, और उनके पदचिन्हों पर चलकर ही समाज में समता और न्याय स्थापित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी विद्यार्थियों और प्रतिनिधियों ने आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और उन्नति के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा शांतिपूर्ण एवं प्रेरणादायी माहौल में सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
