नई दिल्ली:
भारत सरकार ने अमेरिका से उस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है, जिसके तहत कथित तौर पर जबरन श्रम (Forced Labour) से निर्मित वस्तुओं के आयात को रोकने में विफल रहने के आरोप में भारतीय उत्पादों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।
भारत ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के साथ बातचीत करने और अमेरिका की किसी भी विशेष चिंता का समाधान करने के लिए तैयार है। सरकार का कहना है कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाए रखने के लिए संवाद ही सबसे उपयुक्त रास्ता है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने 11 और 12 मार्च 2026 को जबरन श्रम तथा अत्यधिक औद्योगिक क्षमता (Excess Industrial Capacity) से संबंधित चिंताओं के आधार पर 60 देशों के खिलाफ अलग-अलग सेक्शन 301 जांच शुरू की। इसके बाद 3 जून 2026 को जारी जांच रिपोर्ट में 54 देशों से होने वाले आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसमें भारत भी शामिल है।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो भारतीय निर्यातकों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ बढ़ सकता है, जिससे अमेरिका को होने वाले निर्यात पर असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल भारत इस मामले का समाधान वार्ता के माध्यम से निकालने की दिशा में प्रयासरत है।

