रांची: झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अधिकारियों को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं दिखने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जनों, डीएस और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगभग तीन घंटे तक मैराथन समीक्षा बैठक की। बैठक में अस्पतालों की कार्यप्रणाली, दवा उपलब्धता, चिकित्सकों की तैनाती, एंबुलेंस सेवा और मानसून को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य के सभी सदर एवं रेफरल अस्पतालों को चार-चार अतिरिक्त एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएंगी। यह व्यवस्था 108 एंबुलेंस सेवा से अलग होगी ताकि गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सहायता मिल सके।
डॉ. अंसारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर और अन्य मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं, बेड, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि जनता की सेहत से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सिविल सर्जनों को मुख्यालय में रहकर कार्य करने और आपातकालीन स्थिति में तत्काल उपलब्ध रहने का निर्देश दिया। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ निलंबन सहित सख्त विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने भी अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की नसीहत देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में एनएचएम के प्रबंध निदेशक शशि प्रकाश झा सहित राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जन, डीएस और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

