नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों के लिए इस वित्तीय वर्ष में प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत 6,208 करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड राशि जारी की है।
केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अनुसार अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6,208.08 करोड़ रुपये वितरित किए हैं, जिससे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के जरिए 47.53 लाख छात्रों को लाभ हुआ है। यह भी 2021-22 में डीबीटी अपनाए जाने के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस योजना में 1 अप्रैल 2026 से 31 मई 2026 की अवधि के दौरान लाभार्थियों की संख्या 16.63 लाख दर्ज की गई, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 61.92 प्रतिशत अधिक है।
इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति एवं अन्य वर्ग के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 562.36 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इस राशि से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 26.79 लाख छात्रों को सीधा लाभ मिला है। 2022-23 में डीबीटी की शुरुआत के बाद से यह इस योजना के तहत अब तक की सबसे बड़ी राशि है।
चालू वर्ष में (1 अप्रैल 2026 से 31 मई 2026 तक) लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 5.75 लाख हो गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि (2.36 लाख) की तुलना में 143.64 प्रतिशत की वृद्धि है।
विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार की सहायता और लाभार्थियों की संख्या में लगातार वृद्धि का मुख्य कारण डीबीटी व्यवस्था है। लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में सीधे धनराशि के हस्तांतरण ने बिचौलियों को खत्म कर दिया है, जिससे छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता मजबूत हुई है।
यह विभाग सामाजिक न्याय की पहलों को मजबूत करने और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से वंचित समुदायों के छात्रों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

