रांची में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान की शुरुआत, संध्या फेरी और माइकिंग से दिया गया संदेश

रांची, 10 जून। मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सिविल सर्जन कार्यालय, रांची के तत्वावधान में बुधवार को नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत कार्यशाला, संध्या फेरी एवं माइकिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह अभियान राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) एवं नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में एएनएमटीसी रांची की लगभग 50 छात्राओं सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने भाग लिया। संध्या फेरी सदर अस्पताल से शुरू होकर फिरायालाल चौक तक निकाली गई। इस दौरान प्रतिभागियों ने तंबाकू, शराब और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक किया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की।

उन्होंने प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक और कृत्रिम नशीले पदार्थों की जानकारी देते हुए बताया कि आधुनिक सिंथेटिक ड्रग्स अत्यंत खतरनाक हैं और इनकी बहुत कम मात्रा भी जानलेवा साबित हो सकती है।

एनटीसीपी कंसल्टेंट सुशांत कुमार ने तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों और बचाव के उपायों की जानकारी दी। वहीं जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह ने नशा मुक्ति अभियान में जनसहभागिता की भूमिका पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। उल्लेखनीय है कि जिले में 10 जून से 24 जून 2026 तक नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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