![]()
झारखंड में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय तेज धूप और उमस भरी गर्मी का असर रहेगा, जबकि दोपहर बाद या शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। राजधानी रांची में तापमान 38 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। पूरे सप्ताह आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जिससे गर्मी के बीच बीच में थोड़ी राहत मिलती रहेगी। 12 जून के बाद मानसून दस्तक के संकेत दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में अब तक नहीं पहुंचने के कारण झारखंड में इसके आगमन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सामान्य परिस्थितियों में मानसून 12 जून के आसपास राज्य में प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके दूसरे सप्ताह के बाद ही आने की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि केरल में मानसून की एंट्री और वहां से इसकी प्रगति की गति के आधार पर ही झारखंड में आगमन की सटीक तिथि तय की जा सकेगी। यदि मानसून के आने में और देरी होती है तो राज्य में गर्मी और उमस का असर और बढ़ सकता है, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। पलामू और कोल्हान में ज्यादा गर्मी राज्य में क्षेत्रवार मौसम का असर अलग-अलग देखने को मिलेगा। रांची की तुलना में पलामू और कोल्हान इलाके में गर्मी का प्रभाव अधिक रहेगा और यहां तापमान एक-दो दिनों के लिए 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। हालांकि जून के पहले सप्ताह में हो रही रुक-रुक कर बारिश के कारण अत्यधिक गर्मी पड़ने की संभावना फिलहाल कम है। दिन के समय उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करेगी, लेकिन शाम होते-होते कई जगहों पर गरज के साथ बारिश होने से राहत मिलेगी। दूसरे सप्ताह में भी यही सिलसिला जारी रहने के आसार हैं, जहां गर्मी और उमस के बीच बीच में बारिश लोगों को राहत देती रहेगी। 5 वर्षों में 3 बार सामान्य से कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, जून में सामान्य बारिश 197.6 एमएम होती है। लेकिन वर्ष 2020 व 2021 में लॉकडाउन की वजह से वाहनों की आवाजाही कम थी। इस कारण जून में सामान्य से अधिक बारिश हुई। इसके बाद तीन साल सामान्य से कम बारिश हुई। सबसे खराब स्थिति साल 2024 में रही, जब जून में मात्र 80.9 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से 59 प्रतिशत कम थी। दरअसल, इस साल मानसून का प्रवेश भी अनुमान से 10 दिन देरी से हुआ था। वहीं, पिछले साल की बात करें तो जून में 587.8 एमएम बारिश हुई थी, जो सामान्य से 197 एमएम ज्यादा थी। तीन साल 40 के पार रहा था तापमान कोरोना की वजह से 2020 में लॉकडाउन था और 2021 में सेमी लॉकडाउन लगा था। जिससे वाहन व फैक्ट्रियां बंद रहने या कम चलने से तापमान कम था। कोविड के बाद लगातार तीन साल तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। हालांकि, साल 2025 में जून में 587.8 एमएम बारिश हुई थी। अधिक बारिश के कारण पारा ज्यादा नहीं बढ़ा था। जून में पिछले साल अधिकतम पारा 36.5 डिग्री तक गया था, जो इस साल बढ़ने की संभावना है।
