भारतीय मूल्य परंपरा से नई पीढ़ी को मिलती है संस्कारों की प्रेरणा : कुलपति डॉ राजीव मनोहर

डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची के स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा भारतीय दार्शनिक दिवस के अवसर पर “भारतीय मूल्य परंपरा” विषय पर एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम में दर्शन एवं भारतीय संस्कृति से जुड़े कई विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं विषय प्रवेश के साथ विभागाध्यक्ष डॉ. आभा झा ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजीव मनोहर ने धर्म और संस्कार के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि संस्कारों का प्रवाह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक निरंतर होता रहता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की जड़ें अत्यंत गहरी हैं, जिन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

कुलपति ने अपने संबोधन में वैदिक कालीन भारतीय विदुषियों मैत्रेयी, गार्गी और अपाला का उल्लेख करते हुए भारतीय परंपरा में नारी के गौरवपूर्ण स्थान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं को अपनी संस्कृति, संस्कार और विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं।

वेदांत रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष एवं न्यूरो सर्जन डॉ. एच. पी. नारायण ने रामायण और महाभारत के उदाहरणों के माध्यम से सनातन एवं शाश्वत मूल्यों की चर्चा की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर देवाशीष गुहा ने विभेद बुद्धि एवं मूल्य चेतना पर विस्तार से प्रकाश डाला। संस्कृत विद्वान डॉ. शैलेश कुमार मिश्र ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मूल्यबोध, धर्म, शंकराचार्य और मनुस्मृति की अवधारणाओं पर विचार प्रस्तुत किए। वहीं सरला बिरला विश्वविद्यालय की मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ. नीलिमा पाठक ने गीता और योग में निहित मूल्यों को विस्तार से समझाया।

कार्यक्रम में संस्कृत विभागाध्यक्ष एवं कुलसचिव डॉ. धनंजय वासुदेव द्विवेदी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर विभाग द्वारा आयोजित क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने पुरस्कृत किया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार दर्शनशास्त्र विभाग के गौरव कुमार, द्वितीय पुरस्कार कोमल कुमारी, तृतीय पुरस्कार संस्कृत विभाग के गौरव कुमार मिश्र तथा सांत्वना पुरस्कार अनुराग तिवारी को प्रदान किया गया। साथ ही सेमेस्टर-1 के छात्र विष्णुचिक बड़ाईक को बेस्ट अटेंडेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के कुलपति एवं दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर डॉ. हेमेन्द्र, आरयू के डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ. प्रदीप गुप्ता, डॉ. आदित्य, रांची विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं वूमेन्स स्टडी सेंटर की पूर्व निदेशक डॉ. राजकुमारी सिन्हा, वेदांत रिसर्च सेंटर की सचिव एवं पूर्व मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. इंदिरा पाठक सहित अनेक विद्वान उपस्थित थे।

इसके अलावा विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक डॉ. रेखा झा, डॉ. किरण झा, डॉ. पानो, डॉ. गुड़िया, डॉ. शशि तथा जगदंबा प्रसाद समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मानस कुमार ने किया जबकि समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. राजेश कुमार सिंह ने दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Top