रांची, 19 मई : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि चुनाव आयोग मतदाता चोरी कर रहा है, लेकिन कांग्रेस योग्य मतदाताओं को उनके वाजिब हक से वंचित नहीं होने देगी। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी एसआइआर प्रक्रिया का स्वागत करती है, लेकिन इसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी योग्य और पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी पूरे राज्य में बीएलए की नियुक्ति कर रही है। राज्य के 29 हजार बूथों में से अब तक 17,281 बीएलए की नियुक्ति हो चुकी है। उन्होंने कहा कि झारखंड में 2 करोड़ 64 लाख मतदाताओं की मैपिंग होनी है, लेकिन अभी भी लगभग 70 लाख मतदाताओं की मैपिंग बाकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआइआर के दो चरणों में देशभर में छह करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और अगले चरण में चार करोड़ नाम और हटाए जाने की आशंका है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व नए मतदाताओं को जोड़ना और मृत व्यक्तियों के नाम हटाना है, लेकिन योग्य मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले एसआइआर प्रक्रिया में नाम कटते थे, अब जानबूझकर नाम काटे जा रहे हैं।
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए देशभर में उपदेश बांट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच दिनों में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें दो बार बढ़ाई गईं और महंगाई को सही ठहराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि रुपये का रिकॉर्ड स्तर पर अवमूल्यन हुआ है तथा छात्र और युवा निराशा और बेरोजगारी के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 2024 की नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में संसदीय समिति द्वारा दिए गए सुझावों को नजरअंदाज कर दिया गया। शैक्षणिक संस्थानों में भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को लागू करने के लिए आरएसएस से जुड़े लोगों को उच्च पदों पर बैठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को जवाबदेह ठहराने की जगह उनकी पीठ थपथपाई जा रही है।
प्रदीप यादव ने जातिगत जनगणना और सरना धर्म कोड के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना समाज का एक्सरे है, जिससे विभिन्न जातियों की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति का पता चलेगा और उसी आधार पर विकास योजनाएं बनाई जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जातिगत जनगणना नहीं कराई जा रही है, तो मकान गणना के दौरान 12वें कॉलम में मकान मालिक की जाति का उल्लेख क्यों किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बंगाल और बिहार में एसआइआर प्रक्रिया के दौरान जो हुआ, उसे झारखंड में नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस पार्टी हर जनहित के मुद्दे पर संघर्ष करती रहेगी।
संवाददाता सम्मेलन में राकेश सिन्हा, सोनाल शांति, सूर्यकांत शुक्ला, कमल ठाकुर और राजन वर्मा भी उपस्थित थे।
