सत्र नियमितीकरण के लिए परीक्षाओं का समयानुसार आयोजन और परीक्षा परिणामों का त्वरित प्रकाशन सुनिश्चित किया जाएगा – कुलपति डॉ राजीव मनोहर

डीएसपीएमयू में PG सेमेस्टर-1 और यूजी सेमेस्टर 1 की परीक्षा शुरू, कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने किया नियमित निरीक्षण।

दिनांक 28 और 29 अप्रैल से डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में स्नातक, प्रथम सेमेस्टर और स्नातकोत्तर, प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रारंभ हो गई। 28 अप्रैल को अपराह्न 3 बजे कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने विश्वविद्यालय में चल रही इन परीक्षाओं का निरीक्षण किया. यह परीक्षा दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक संचालित की जा रही है , जिन्हें आगामी 15 मई 2026 तक आयोजित किया जाना है।
28 अप्रैल को परीक्षा प्रारंभ होने के उपरांत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने पूर्वाह्न 3 बजे से पुराने अकादमिक भवन में पहुंचकर परीक्षा कक्षों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लगभग 17 परीक्षा कक्षों में जाकर परीक्षा संचालन की व्यवस्था का अवलोकन किया और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा की नियमित रूप से निरीक्षण से प्रत्येक दिन कुछ नयी कमियों से अवगत होने क़े साथ साथ छात्रों के एक बड़े समूह के साथ संवाद का भी अवसर प्राप्त होता है. मौके पर उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय लगातार नियमित अंतराल पर परीक्षाओं के आयोजन के साथ इस बात को भी सुनिश्चित करेगा कि आयोजित की जानेवाली परीक्षाओं का संपूर्ण पाठ्यक्रम परीक्षा के पूर्व पूरा हो और उनका परीक्षा परिणाम भी त्वरित प्रकाशित किया जाए। इसके लिए परीक्षा विभाग के साथ विश्वविद्यालय के प्रत्येक विभागों का समन्वय आवश्यक है। साथ ही बैकलॉग परिक्षाओं के आयोजन हेतु भी प्रत्येक विभाग और परीक्षा विभाग के मध्य आवश्यक समन्वय हेतु एक विभागीय समन्वयक नियुक्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में विगत कुछ अंतराल से समय से परीक्षाओं के आयोजन के सकारात्मक परिणाम जल्द ही सतह पर दृष्टिगत होंगे । विश्वविद्यालय में आगामी नए सत्र में नामांकन प्रक्रिया के पहले सत्र को नियमित कर लेने का विश्वविद्यालय का हरसंभव प्रयास रहेगा। अपने निरीक्षण के दौरान कुलपति राजीव मनोहर ने परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पुनः यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि आगामी 15 मई 2026 तक इन परिक्षाओं के संपन्न होने तक विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। यह जानकारी पीआरओ डॉ राजेश कुमार सिंह ने दी।

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