हजारीबाग में पत्रकारों पर हुए हमले को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया है।
उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार है। यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम जनता की आवाज दब जाएगी।
डॉ. वर्मा ने इरफान अंसारी के हालिया व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता का अहंकार बढ़ता जा रहा है। महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक बयान और उसके बाद पत्रकारों पर हमला बेहद शर्मनाक है।
उन्होंने राज्य सरकार से सवाल करते हुए कहा कि क्या झारखंड में अब सच बोलना अपराध बन चुका है और क्या सवाल पूछने वालों को इसी तरह दबाया जाएगा?
डॉ. वर्मा ने मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह माना जाएगा कि हमला सत्ता के इशारे पर हुआ है।
अंत में उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ पत्रकारों की नहीं, बल्कि हर उस नागरिक की है जो सत्य और न्याय में विश्वास रखता है।

