रांची, 12 जून 2026। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिलास्तरीय वरीय पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे जनगणना कार्य, विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता मैपिंग, शिक्षा का अधिकार (RTE) के अंतर्गत नामांकन, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों तथा विभिन्न प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने जनगणना कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने बंद या अनुपस्थित पाए गए घरों में पुनः संपर्क स्थापित कर निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सर्वेक्षण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 13 एवं 14 जून 2026 को आयोजित होने वाले मतदाता मैपिंग विशेष शिविर के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए उपायुक्त ने कहा कि अधिक से अधिक मतदाताओं तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए। उन्होंने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को मतदान केंद्रों पर समयबद्ध कार्य प्रारंभ करने तथा बीएलओ को आवश्यक प्रशिक्षण एवं दिशा-निर्देश उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बैठक में राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए-2 की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं होने तथा सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ की सक्रिय तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर निःशुल्क नामांकन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया कि प्रथम चरण की लॉटरी में चयनित सभी बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराया जाए।
आगामी मोहर्रम एवं अन्य प्रमुख पर्व-त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने समय पर शांति समिति की बैठक आयोजित करने तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही विधि-व्यवस्था एवं नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा।
राजस्व संबंधी शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए उपायुक्त ने अगले सप्ताह विशेष समीक्षा बैठक आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सक्षम पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति का निर्देश भी दिया।
बैठक में नवपदस्थापित अधिकारियों एवं कर्मियों के पहचान पत्र निर्माण, कोषागार से संबंधित अनुपालन कार्यों, समाहरणालय परिसर में जल निकासी, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार के कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

