रांची, 12 जून 2026। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी) मेसरा के मात्रात्मक अर्थशास्त्र एवं डेटा विज्ञान विभाग (QEDS) द्वारा आयोजित एक सप्ताहीय संकाय विकास कार्यक्रम “हाइपरस्पेक्ट्रल डेटा विश्लेषण हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI-HYDA 2026)” का सफलतापूर्वक समापन हो गया। ई एंड आईसीटी अकादमी, एनआईटी पटना के सहयोग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न संस्थानों से 90 से अधिक संकाय सदस्य, वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं शोधार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग, जियोएआई, दूरसंवेदी प्रौद्योगिकी, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और भू-स्थानिक विश्लेषण के नवीनतम आयामों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने तकनीकी व्याख्यानों के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र भी संचालित किए।
सप्ताहभर चले इस कार्यक्रम में हाइपरस्पेक्ट्रल डेटा प्रोसेसिंग, मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म, विज़न ट्रांसफॉर्मर्स, ट्रांसफर लर्निंग, एक्सप्लेनेबल एआई, कृषि एवं स्मार्ट गवर्नेंस में एआई के उपयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने पायथन आधारित डेटा विश्लेषण, मॉडल विकास और मिनी-प्रोजेक्ट गतिविधियों में भी भाग लिया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आर. एन. साहू ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान, कृषि नवाचार और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मनीष कुमार पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी संसाधन व्यक्तियों, प्रतिभागियों, संस्थान प्रशासन एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
AI-HYDA 2026 ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जियोएआई, हाइपरस्पेक्ट्रल डेटा विज्ञान और सतत विकास के क्षेत्र में ज्ञान-विनिमय, क्षमता निर्माण एवं नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ भविष्य के अनुसंधान एवं सहयोग की नई संभावनाओं को भी मजबूत किया।

