वाशिंगटन। ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) खोलने का सशर्त प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव व्हाइट हाउस को मिल गया है। ईरान और अमेरिका के बीच मूंछ की लड़ाई बन चुके होर्मुज के बंद होने से सारी दुनिया परेशान है। तेल और गैस के संकट ने कई देशों को संकट में डाल दिया है। तेल और गैस से लदे जहाज गुजर नहीं पा रहे हैं।
महत्वपूर्ण और रणनीतिक इस जलमार्ग पर ईरान और अमेरिकी की आंखें निगहबान हैं। कई देश दोनों देशों के बीच सुलह कराने के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं। पाकिस्तान में तो एक बार बातचीत भी हो चुकी है। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य विराम बढ़ा चुके हैं। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत का दूसरा चरण शुरू नहीं हो पाया है। दोनों को मनाने के लिए मध्यस्थ देशों के प्रयास जारी हैं।
अमेरिकी न्यूज पोर्टल एक्सियोस और संयुक्त अरब अमीरात के अंग्रेजी अखबार द नेशनल की रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने प्रस्ताव में युद्ध खत्म करने और होर्मुज को फिर से खोलने पर जोर दिया है। प्रस्ताव का मुख्य फोकस वैश्विक ऊर्जा संकट को कम करना और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को खत्म करना बताया जा रहा है। इसमें ईरान ने शर्त रखी है कि परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को बाद के चरण में शुरू किया जाए।
प्रस्ताव व्हाइट हाउस पहुंच तो चुका है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ट्रंप प्रशासन इस पर आगे बढ़ेगा या नहीं? व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने कहा कि अमेरिका ऐसे संवेदनशील कूटनीतिक मुद्दों पर मीडिया के जरिए बातचीत नहीं करेगा। साथ ही अमेरिका किसी भी समझौते में अपनी प्राथमिकताओं से समझौता नहीं करेगा और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह प्रस्ताव ऐसे समय पर आया है जब दोनों देशों के बीच बातचीत लगभग ठप है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी थी। इस यात्रा को शांति वार्ता का अहम हिस्सा माना जा रहा था। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान से लगातार बातचीत कर रहे हैं। वह पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से बात कर रूस पहुंच गए हैं। वहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होने वाली है। एक अमेरिकी अधिकारी और बातचीत से परिचित दो सूत्रों ने पुष्टि की है कि ईरान ने अमेरिका के सामने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और युद्ध को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है।
तीन अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ट्रंप सोमवार को अपनी शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति टीम के साथ ईरान पर ‘सिचुएशन रूम’ में एक बैठक करने वाले हैं। एक सूत्र ने बताया कि अराघची ने सप्ताहांत में पाकिस्तान, मिस्र, तुर्किये और कतर के मध्यस्थों को यह स्पष्ट कर दिया कि अमेरिकी मांगों को कैसे पूरा किया जाए, इस पर ईरानी नेतृत्व के भीतर कोई आम सहमति नहीं है। अमेरिका चाहता है कि ईरान कम से कम एक दशक के लिए यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को रोक दे और अपने संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर भेज दे।

