माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने मोरहाबादी, रांची स्थित निर्माणाधीन अत्याधुनिक पुस्तकालय का निरीक्षण किया और वहां चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कार्यरत अभियंताओं एवं कर्मियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
राज्यपाल ने कहा कि यह परियोजना केवल एक भवन का निर्माण नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, अध्ययन और उज्ज्वल भविष्य की एक सशक्त आधारशिला है। उन्होंने इस पुस्तकालय निर्माण में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) तथा कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत दिए गए योगदान की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
उन्होंने विश्वास जताया कि राजधानी रांची को जल्द ही एक ‘वर्ल्ड क्लास मॉडर्न लाइब्रेरी’ मिलने जा रही है। राज्यपाल ने बताया कि यह छह मंजिला पुस्तकालय अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जहां एक साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह पुस्तकालय केवल रांची ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के युवाओं के लिए ज्ञान, अनुशासन और आत्मविकास का प्रमुख केंद्र बनेगा।
राज्यपाल ने कहा कि यह पुस्तकालय विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए एक उत्कृष्ट और प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध कराएगा। इससे युवाओं को अपने सपनों को साकार करने में नई दिशा और मजबूत आधार मिलेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनके कार्यकाल में बरेली में भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक मॉडल पुस्तकालय की स्थापना की गई थी।
उन्होंने इस परियोजना से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि यह कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पुस्तकालय झारखंड के युवाओं के लिए आशा, अवसर और उपलब्धि का नया द्वार साबित होगा।
इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि यह पहल विशेष रूप से उन ग्रामीण एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी, जिन्हें अक्सर बेहतर अध्ययन संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाते। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय के प्रथम तल पर देश के वीर सपूतों के चित्र और उनकी जीवनियाँ स्थापित की जाएंगी, ताकि बच्चे उनसे प्रेरणा ले सकें।
संजय सेठ ने यह भी कहा कि यह आधुनिक पुस्तकालय देश के चुनिंदा पुस्तकालयों में अपनी विशेष पहचान बनाएगा। साथ ही इसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी अलग से बैठने और अध्ययन की व्यवस्था की गई है, जिससे यह पुस्तकालय हर आयु वर्ग के लिए उपयोगी और प्रेरणादायक केंद्र बनेगा।
