खलारी। एनके और पिपरवार क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ सीआईएसएफ का अभियान लगातार असर दिखा रहा है। रविवार को सुरक्षा बल ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यू कोल डम्प के समीप जंगल में झाड़ियों के बीच छिपाकर रखा गया 2.080 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया। अचानक हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय कोयला तस्करों के बीच हड़कंप मच गया।
बताया जाता है कि सीआईएसएफ की आसूचना शाखा को सूचना मिली थी कि जंगल के अंदर चोरी का कोयला जमा कर उसे सुरक्षित रखा गया है, ताकि मौका मिलते ही उसे बाहर निकाला जा सके। सूचना को गंभीरता से लेते हुए कमांडेंट अमित कुमार के निर्देश पर विशेष छापामार टीम का गठन किया गया। टीम ने न्यू कोल डम्प के आसपास के जंगल में सघन तलाशी अभियान चलाया। काफी खोजबीन के बाद झाड़ियों के बीच छिपाकर रखा गया अवैध कोयला बरामद कर लिया गया।बरामद कोयले का वजन कराने पर उसकी मात्रा 2.080 मीट्रिक टन पाई गई। इसके बाद पूरे मामले की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए कोयला सीसीएल प्रबंधन को सौंप दिया गया, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।इस अभियान में निरीक्षक रश्मि, उप निरीक्षक अनिल कुमार राय, आसूचना शाखा के जवानों और सीआईएसएफ के अन्य कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से तस्करों की योजना विफल हो गई और चोरी का कोयला उनके हाथ नहीं लग सका।सीआईएसएफ कमांडेंट अमित कुमार ने कहा कि कोयला चोरी, अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी पहले की तरह जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि नियमित गश्त, मजबूत आसूचना तंत्र और आधुनिक निगरानी व्यवस्था के कारण अवैध गतिविधियों पर लगातार अंकुश लगाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि यदि कहीं भी अवैध कोयला कारोबार की जानकारी मिले तो तत्काल संबंधित एजेंसियों को सूचित करें, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।लगातार हो रही छापेमारी से यह स्पष्ट है कि सीआईएसएफ अब कोयला तस्करों को किसी भी स्तर पर राहत देने के मूड में नहीं है। हाल के दिनों में एक के बाद एक हुई कार्रवाइयों से अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

