मुंबई में 19-20 अक्टूबर को यूएई और अमेरिका के विदेश मंत्रियों से मिलेंगे जयशंकर

नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर 19-20 अक्टूबर को मुंबई में संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान की मेजबानी करेंगे। इसके बाद जयशंकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत करेंगे और वहां आयोजित अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को नियमित पत्रकार वार्ता में बताया कि मुंबई में आयोजन, दिल्ली से बाहर विदेशी मेहमानों की मेजबानी करने की एक दशक पुरानी परंपरा के अनुरूप है। उन्होंने पहले की यात्राओं का भी हवाला दिया। उन्होंने बताया कि 19 और 20 अक्टूबर को विदेश मंत्री मुंबई में यूएई के विदेश मंत्री की आधिकारिक यात्रा की मेजबानी करेंगे। 20 अक्टूबर को विदेश मंत्री अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ वार्ता करेंगे और अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लेंगे।

उल्लेखनीय है कि विपक्षी नेताओं ने रुबियो के साथ बैठक के स्थान चयन पर सवाल उठाए थे।

प्रवक्ता ने कहा, “पिछले लगभग एक दशक से यही परंपरा रही है कि हम विदेश सचिवों की मेजबानी दिल्ली से बाहर करते आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने बड़ौदा में स्पेन के प्रधानमंत्री की मेजबानी की। उन्होंने अहमदाबाद में चांसलर मर्ज़ की मेजबानी की। उन्होंने वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री की मेजबानी की और फिर विदेश मंत्री ने गोवा में विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की। उन्होंने गुजरात के केवडिया में बोत्सवाना के विदेश मंत्री की मेजबानी की और विदेश मंत्री ने अमृतसर में हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन की भी मेजबानी की।”

अमेरिकी विदेश मंत्री की यात्रा के संदर्भ में प्रवक्ता ने कहा कि यह दोनों पक्षों को भारत-अमेरिका संबंधों की समीक्षा करने और हमारी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को अधिक मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगी। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर उन्होंने कहा, “दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द-से-जल्द पूरा करने के लिए प्रयासरत हैं।

उन्होंने बताया कि चर्चा में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण उभरती प्रौद्योगिकियों और पारस्परिक हित के अन्य क्षेत्रों सहित हमारे द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किए जाने की उम्मीद है। दोनों पक्ष क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय सहयोग को बनाए रखने और हमारी साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी।

जायसवाल ने अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल के देश में जारी मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) पर की गई टिप्पणी को ‘अनावश्यक और अविवेकी’ हस्तक्षेप कहकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिक्रिया लोकतंत्र की चुनावी प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप करने के समान है। यह एक ऐसा दृष्टिकोण है जो लोकतंत्र को ही कमजोर करता है।

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