हजारीबाग। हजारीबाग के बड़कागांव थाना क्षेत्र स्थित बुढ़वा महादेव मंदिर में निर्माण कार्य और अधिकार को लेकर दो गांवों के बीच विवाद गहरा गया। रविवार को कांडतरी और गुरुचट्टी गांव के ग्रामीण आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ। इसमें कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल बन गया।
बताया जाता है कि विवाद की शुरुआत मंदिर में निर्माण कार्य को लेकर हुई थी।आरोप है कि कांडतरी गांव के लोगों ने मंदिर परिसर में निर्माण कार्य शुरू कराया था।
इसका गुरुचट्टी के ग्रामीणों ने विरोध किया था। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, इस विवाद का कोई समाधान नहीं निकल सका।
इसके बाद दोनों गांवों के बीच तनाव बढ़ता चला गया। बताया जाता है कि शनिवार रात गुरुचट्टी गांव के कुछ लोग बुढ़वा महादेव मंदिर में दीप जलाने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला बढ़ गया।
आरोप है कि कांडतरी के लोगों ने गुरुचट्टी गांव के अध्यक्ष, सचिव और अन्य लोगों के साथ मारपीट की।इस दौरान बुढ़वा महादेव विकास सह शांति समिति के अध्यक्ष दामोदर प्रसाद मेहता की डस्टर गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया गया।
घटना के बाद दोनों गांवों के बीच तनाव और बढ़ गया। रविवार सुबह गुरुचट्टी गांव में कांडतरी के ग्रामीणों की दुकानों को बंद करा दिया गया। इसे लेकर फिर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसके बाद कांडतरी गांव के लोग गुरुचट्टी में घुस गए।
दोनों ओर से लोग जुटने लगे। कुछ ही देर में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी होने लगी।
पथराव की घटना के बाद इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। दोनों गांवों के सैकड़ों ग्रामीण आमने-सामने थे। सूचना मिलते ही बड़कागांव थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया गया। घटनास्थल पर पुलिस की मौजूदगी के बाद हालात सामान्य हुए। हालांकि, दोनों गांवों के बीच तनाव अब भी बना हुआ है। घटना में कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है। लेकिन घायलों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। किसी भी तरह की दोबारा हिंसा रोकने के लिए पुलिस सतर्क है।
बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। दोनों गांवों के लोगों को समझाने और विवाद शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने त्योहार के मद्देनजर लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। साथ ही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने को कहा है।
प्रशासन ने लोगों से आपसी विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की है। मंदिर निर्माण और अधिकार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दो गांवों के बीच टकराव का रूप ले चुका है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता शांति व्यवस्था बनाए रखना है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर रख रही है।

