निशा भगत मामले में दो नामजद और एक अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज

रांची। राजधानी रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र में निशा भगत के आत्महत्या करने के मामले में थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

इस संबंध में मृतका निशा भगत के पिता आनंदु भगत के लिखित बयान पर पिठोरिया थाने में दो नामजद और एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतका के पिता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को झूठे मुकदमों में फंसाकर और सामाजिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि वह मानसिक तनाव में आ गई। उन्होंने बताया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत सोशल मीडिया पर उनकी बेटी का घोर चरित्र हनन और दुष्प्रचार किया गया। इस मानसिक वेदना और बदनामी से तंग आकर आखिरकार उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, मृतका के पिता ने पिठोरिया के तत्कालीन थाना प्रभारी सतीश पाण्डेय, अन्य पुलिस अधिकारियों सहित अजय तिर्की, ज्योत्सना केरकेट्टा और जमीन व चर्च से जुड़े कथित दलालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि जब भी उनकी बेटी घर से बाहर निकलती थी, ये लोग उसे रास्ते में रोककर मानसिक रूप से टॉर्चर करते थे। पिता का कहना है कि यह सामान्य आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या है।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि मृतका ने मौत को गले लगाने से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो बयान जारी किया था। इस बयान में उसने प्रताड़ित करने वाले कई लोगों के नामों का खुलासा किया था। पिता ने पुलिस से उन सभी चेहरों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने इस केस की कमान उच्च अधिकारी को सौंप दी है। डीएसपी अमर कुमार पांडे को इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल बयान और सभी पहलुओं की गहराई से तकनीकी जांच की जा रही है, और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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