रांची: असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का महापर्व विजयादशमी राजधानी रांची में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की गरिमामयी उपस्थिति में रावण दहन संपन्न हुआ। जैसे ही पुतलों में अग्नि प्रज्वलित हुई, पूरा मैदान ‘जय श्री राम’ के गगनभेदी नारों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
समारोह की शुरुआत प्रतीकात्मक सोने की लंका के दहन के साथ हुई। इसके बाद क्रमवार मेघनाद, कुंभकर्ण और अंत में अहंकार के प्रतीक दशानन रावण के विशालकाय पुतले को अग्नि के हवाले किया गया। आग की ऊंची लपटों और पटाखों की धमाकेदार गूंज ने उपस्थित जनसैलाब में जबरदस्त रोमांच भर दिया। मैदान में मौजूद हजारों लोगों ने इस ऐतिहासिक क्षण को अपने कैमरों और मोबाइल में कैद किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मैदान में की गई मनमोहक और आधुनिक आतिशबाजी रही। आसमान में कई मिनटों तक रंगों और रोशनी का अद्भुत खेल चलता रहा, जिसे देख बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी मंत्रमुग्ध हो गए। भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा और अनुशासन के पुख्ता इंतजाम दिखे, जिससे परिवारों ने बिना किसी असुविधा के इस पूरे उत्सव का आनंद लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष गंगवार ने विजयादशमी की बधाई दी और कहा कि यह पर्व केवल पुतला दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर के राग-द्वेष, अहंकार और बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने का दिन है। समाज तभी सशक्त बनता है जब हर नागरिक धर्म, न्याय और सत्य के पथ पर अडिग रहे। रावण दहन के साथ ही राजधानी रांची में नौ दिनों से चल रहे दुर्गोत्सव और दशहरा का उल्लास अपने चरम पर पहुंचकर संपन्न हुआ।

