वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने एफएफपी बिल्डिंग में अबुआ दिशोम बजट 2026–27 को लेकर राज्य के बैंकर्स के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठक की। इस अवसर पर वित्त, ग्रामीण विकास एवं अन्य संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी तथा विभिन्न सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य के बैंकर्स सरकार के तीसरे संसाधन के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य के कमजोर तबकों के आर्थिक उत्थान में बैंकर्स सरकार के साथ मिलकर प्रभावी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि बैंकर्स द्वारा दिए गए सुझावों को आगामी बजट में सम्मिलित किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि अबुआ दिशोम बजट 2026–27 राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे यह बजट विशेष महत्व रखता है। सरकार का लक्ष्य है कि यह बजट यूनिक, मजबूत और जनहितकारी हो, जो झारखंड के संसाधनों पर आधारित हो और अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल बने।
उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन का प्रमुख उद्देश्य है। मंइयाँ सम्मान योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कार्य किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य मंइयाँ सम्मान और मंइयाँ उत्थान के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अबुआ दिशोम बजट ऐप के माध्यम से अब तक 1550 से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इन सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने बैंकर्स से आह्वान किया कि वे गांवों को गोद लेकर महिलाओं के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस दिशा में सहमति बनी कि राज्य के बैंक कम से कम 100 गांवों को गोद लेकर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए योजनाबद्ध प्रयास करेंगे।
बजट पूर्व गोष्ठी में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री अमरेंद्र प्रताप सिंह, सचिव (व्यय) वित्त विभाग श्री अबू इमरान, सचिव (वाणिज्य) वित्त विभाग श्री अमित कुमार, वित्त विशेषज्ञ श्री हरिद्वार दयाल, विशेष सचिव वित्त श्री संदीप सिंह सहित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी, कैनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया समेत कई सार्वजनिक एवं निजी बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

